Friday, December 16, 2011

मोढ़ वैश्य गुजरात की प्रमुख वैश्य जाति


मोढ़ वैश्य मोढेश्वरी माता या मातंगी माता को मानने वाले होते हैं, जो की माँ अम्बा का ही एक रूप हैं. गुजरात के पतन जिले के मोढेरा के रहने वाले होते हैं. मोढेश्वरी माता के नाम पर ही कसबे का नाम मोढेरा पड़ा हैं. मोढ़ बनिए यंहा से ही गुजरात, महारास्ट्र व मध्य प्रदेश के सूरत, बलसाड, नवसारी, मांडवी, भरूच, अंकलेश्वर, बारडोली, बिल्लीमोरिया, चिखली, गणदेवी, धर्मपुर, मुंबई, वाराणसी, के बाकि भागो में गये.

यह विश्वाश किया जाता हैं कि मोढ़ बनिए दो भागो में विभक्त हो गये, दसा, और बीसा. मोढेरा के नजदीकी कस्बो जैसे कि मंडल, अदलज, गोभा, के नाम पर ही मंदालिया मोढ़, अदाल्जा मोढ़, गोभवा मोढ़, नाम हैं. एक बीसा मोढ़ कि उप जाति गोव्भुजा कहलाती हैं. जो कि जमीनों और सर्राफे का व्यापार करते हैं.

पुराने समय में बहुत संख्या में मोढ़ बनिया पूर्वी अफ्रीका, द. अफ्रीका, इंग्लॅण्ड, अमेरिका, कनाडा, फिजी, एवं खाड़ी देशो में चले गये थे.

कुछ प्रमुख मोढ़ व्यक्ति

* आचार्य हेम चन्द्र (१०८९-११७२), चालुक्य कर्मपाल के सलाहकार
* भट्टारक कुमुद्चंद्र , बारडोली, मुला संघ (१५९९-१६३०)
* सेठ लक्ष्मीदास एवं लक्ष्मण दास, निजाम के मुख्य वित्त प्रबंधक.
* mahatma gandhi
* सर पुरुषोत्तम दास नेहरु मंत्रिमंडल में मंत्री
* देवकरण नानजी देना बैंक के संस्थापक
* धीरू भाई अम्बानी
* रचित दलाल
* दीपक पारेख एच डी ऍफ़ सी बैंक के प्रमुख
* मुकेश अम्बानी
* अनिल अम्बानी
* नरेन्द्र मोदी.





No comments:

Post a Comment

हमारा वैश्य समाज के पाठक और टिप्पणीकार के रुप में आपका स्वागत है! आपके सुझावों से हमें प्रोत्साहन मिलता है कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का प्रयॊग न करें।