Monday, February 8, 2016

जाति तक सीमित न किया जाए जैन धर्म को

जैन समुदाय के बारे में बातें करते हुए हम प्राय: इस बात को अनदेखा कर देते हैं कि जैन जाति नहीं, धर्म है। जाति की बात करें, तो जैन धर्म के अधिकांश अनुयायी जाति से बनिए होते हैं। इस प्रसंग में यह बात ध्यान देने की है कि जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से बड़ी संख्या क्षत्रिय राजपरिवारों के युवाओं की थी। जैन धर्म के सिद्धांतों में सर्वाधिक महत्व अहिंसा का माना जाता है। इस धर्म की आस्था का मूल सूत्र ही है : अहिंसा परमो धम:। यह स्वीकार करने के बाद स्वभावत: अपने से इतर प्राणियों के प्रति दया भाव या परोपकार वृत्ति को जीवन में चरितार्थ करने की अपेक्षा जैन धर्म में आस्था रखने वालों से की जाती है। 

सिद्धांतत: जैन समुदाय को किसी जाति तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को, जिसकी आस्था जैन धर्म के सिद्धांतों में हो, इस धर्म में दीक्षा लेने का अधिकार होना चाहिए। उसी तरह, जैसे बौद्ध धर्म में दीक्षित होने का विकल्प सामान्य जन के पास होता है, लेकिन जैन धर्म में अगर सिद्धांतत: यह स्वीकार्य भी हो, तो इसका चलन कम-से-कम मेरी जानकारी में तो नहीं है। इतना ही नहीं, इस समुदाय की अपनी वर्ग और जाति व्यवस्था है।

विश्वास की दृष्टि से इनके दो वर्ग हैं - दिगंबर और श्वेतांबर। जैसा इन संज्ञाओं से स्पष्ट है, दिगंबर वर्ग के आराध्य नग्न तीर्थंकर होते हैं और श्वेतांबर वर्ग के श्वेत वस्त्रधारी। मूलत: अपरिग्रह और त्याग पर आधारित पहले वर्ग में यह वृत्ति अपनी चरम अवस्था में वस्त्र का त्याग कर वनवास और तपस्या पर बल देती है। तपस्वी और संन्यासी के लिए तो गृहस्थ धर्म का परित्याग करने के बाद यह जीवनचर्या अनिवार्य हो जाती है, पर औसत सामाजिक व्यक्ति के लिए इस धर्म की शर्तों और विधि-विधान का, रोजमर्रा की जिंदगी में पालन करना बहुत कठिन होता है। 

उदाहरण के लिए आज की व्यस्त दिनचर्या में सूर्यास्त से पहले भोजन करने के नियम का निर्वाह करना बेहद कठिन है। जैन धर्म में मांसाहार का तो प्रश्न ही नहीं उठता, शाकाहारियों के लिए भी आलू, फूलगोभी, कटहल, जिमीकंद, टमाटर जैसी सब्जियां खाना वर्जित है। सवाल व्यावहारिकता का है। इतनी वर्जनाओं पर टिकी जीवन पद्धति का निर्वाह करने में दिक्कतें पेश आती हैं, इसलिए क्रमश: इनका उल्लंघन करनेवालों की संख्या बढ़ती जाती है। 

कहने के लिए जैन धर्म है जाति नहीं, पर व्यवहार में इसकी अपनी जाति व्यवस्था है। जहां तक मेरी जानकारी है, अग्रवाल इस व्यवस्था में सबसे ऊंचे और उसके बाद ओसवाल, खंडेलवाल जैसे तमाम उपवर्ग आते हैं, जबकि व्यवहार में हर दृष्टि से ये तथाकथित उपवर्ग किसी से कमतर नहीं होते। इस तरह के विभाजनों की व्यर्थता या तर्कहीनता के कारण जैन समुदाय ने पिछली आधी शताब्दी के दौरान इनसे अपने को क्रमश: मुक्त किया है। उसी तरह जैसे व्यवसाय, शिक्षा-दीक्षा आदि सभी दृष्टियों से इस समुदाय ने बड़ी तेजी से उन्नति की है। 

कभी-कभी लगता है कि आरंभ में व्यापार तक सीमित करने का एक कारण यह भी हो सकता है कि एक जगह टिक कर रहने से धर्म में निर्धारित कठिन जीवनचर्या का निर्वाह करना ज्यादा सुविधाजनक रहता होगा, पर अगर आज सरकार ने जैन समुदाय को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी है तो उसका कारण यही है कि इसमें धार्मिक विश्वास जिस जीवनचर्या को प्रस्तावित करते हैं, उसको स्वीकार करने में व्यावहारिक कठिनाई के कारण इसमें संख्या विस्तार का अवकाश अन्य मतों की अपेक्षा कम रहा है।

साभार: नवभारत टाइम्स| Mar 29, 2015, 01.27 AM IST, निर्मला जैन. 

Ruchi Sanghvi



Ruchi Sanghvi (born January 20, 1982) is an Indian computer engineer. She was the first female engineer hired by the social-networking website FACEBOOK

Sanghvi was Facebook's principal product manager, where she oversaw Facebook Platform and News Feed. She was responsible for the company’s Platform product strategy and new product initiatives. Sanghvi was an early engineer at Facebook and one of the primary developers for News Feed. Prior to Facebook, she was a software engineer in the Real Time Communication Group at Oracle. Sanghvi holds a bachelor’s and master’s degree in electrical computer engineering from Carnegie Mellon University.

In late 2010, she quit Facebook and in 2011, she started her own company Cove, with two other co-founders. The company was sold to Dropbox in 2012 and Sanghvi joined Dropbox as VP of Operations. She left Dropbox in October 2013.

Sanghvi was raised in Pune, India. When she was young, she intended to join her father's business after completing her studies. Sanghvi pursued her Bachelor's and Master's degrees in electrical computer engineering from Carnegie Mellon University.

After graduating Carnegie Mellon University in 2004, Sanghvi initially planned to work in New York City, but says that she was frightened by the small cubicle size. She decided instead to move to Silicon Valley where her former CMU colleague Aditya Agarwal, whom she was dating, worked. She got a job at the Oracle Corporation.

In 2005, Sanghvi and Agarwal both started working at Facebook. Sanghvi was Facebook's first female engineer.

Sanghvi was one of the main people working on the first version of Facebook's news feed product, first launched in September 2006, and she wrote the blog post announcing its launch. The original news feed was an algorithmically generated and constantly refreshing summary of updates about the activities of one's friends. The concept was relatively new at the time, with Twitter having launched only a few months in advance.

The News Feed feature was greeted with a lot of pushback and criticism, including some that was directed personally at Sanghvi. The criticism was dealt with through the introduction of new privacy controls in terms of what personal data would appear in friends' news feeds. These privacy controls were coded in a hectic 48-hour coding session by Sanghvi and other Facebook engineers including Chris Cox and Adam Bosworth, and announced in a contrite blog post by Facebook's principal founder Mark Zuckerberg.

In 2006, Sanghvi became the product lead for Facebook Platform.

Cove and Dropbox

In late 2010, Sanghvi left Facebook and in 2011, co-founded a stealth collaboration startup called Cove along with Aditya Agarwal. In February 2012, Dropbox, the file synchronization and backup service company, announced that it had acquired Cove and that Sanghvi and Agarwal would be joining Dropbox. Sanghvi later became the Vice President of Operations at Dropbox, managing product, marketing, communications and other functions. In October 2013, Sanghvi left Dropbox, but continued to retain an advisory role at the company.

Investor and adviser

Sanghvi is an investor and adviser in a number of Silicon Valley companies including privacy-oriented photo-sharing service Path, workplace collaboration application Asana, and backup and storage service Dropbox (where she used to work).

Politics

Sanghvi was listed as one of the founders of FWD.us, a 501(c)(4) lobbying group formed in Silicon Valley to promote immigration reform, improve education, and facilitate technological breakthroughs in the United States. The group launched on April 11, 2013.

Sanghvi's personal story was featured on the FWD.us website's "Stories" section.

In an interview with Mint in November 2013, Sanghvi described her involvement with FWD.us as follows: "Silicon Valley is a very idealistic society. So FWD.us is a mission to step down from the idealistic world and do some real work. The mission is to boost the knowledge economy. Immigration is only one part of it, the other part of it is to figure out bipartisan policies to help include STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) studies in the education system. Immigration is a really hot topic and I am very satisfied with the senate Bill. I am hopeful that immigration reform will pass, even though right now Washington is divided."

Personal life

Sanghvi is married to Aditya Agarwal, who was her colleague at Carnegie Mellon University and later at Facebook, Cove, and Dropbox.

Awards and honors

Sanghvi was awarded a TechFellow "Best Engineering Leadership Award" in 2011 for her work at Facebook.

HISTORY OF DOSAR VAISHYA - दोसर वैश्य समाज का इतिहास

दोसर वैश्य समाज का इतिहास - कौन ? - कैसे ? - कहाँ से ?

आज दोसर वैश्य समाज के हर व्यक्ति के मन में एक प्रश्न उठता है कि दोसर वैश्य समाज में जन्म लिया है तो इसकी उत्पत्ति कहाँ और कैसे हुई। इसकी जानकारी ज्ञात हो सके इसके लिए मैंने समाज और राजनीती में कार्य करते हुए और विभिन्न प्राचीन पुस्तको से जो जानकारी प्राप्त हुई वह मैं आप सबकी जानकारी के लिए लिख रहा हूँ ।

गोत्र - महाभारत व जातक आदि प्राचीन ग्रंथो में व्यक्ति का परिचय पूछते समय उसका नाम तथा गोत्र दोनों विषय में पुछा जाता था । गोत्रो की परंपरा प्राचीन ऋषियों से चली आ रही है , मान्यता है कि मूल पुरुष ब्रह्मा के चार पुत्र - भ्रगु , अंगिरा , मरीचि और अत्रि हुए । ये चार ऋषि गोत्रकर्ता थे ।

ऋषि मरीचि के पुत्र कश्यप थे , हमारा दोसर वैश्य समाज कश्यप ऋषि का गोत्र है ।

उत्पत्ति का स्थल -दोसर वैश्य ,"दूसर वैश्य "का कालांतर में परिवर्तित रूप है । डा . मोतीलाल भार्गव द्वारा लिखी पुस्तक "हेमू और उसका युग "से पता चलता है कि दूसर वैश्य हरियाणा में दूसी गाँव क़े मूल निवासी थे ।जो कि गुरगाव जनपद के उपनगर रिवाड़ी के पास स्थित है ।यह स्थान बलराम जी (बलदाऊ)की ससुराल जो वधुसर कि दूसर और बाद में दूसी कहलाया।

दोसर वैश्य समाज की विजय गाथा / दिल्ली विजय -

हेमू की दिल्ली विजय - भारतीय इतिहास में प्रशिद्ध हेमचन्द्र विक्रमादित्य 'हेमू' दोसर वैश्य जाति के थे । हेमू के पिता का नाम पूरन दास और चाचा का नाम नवलदास था जो दोसर वैश्य समाज के प्रशिद्ध संत थे । हेमू ने 6 अक्टूबर सन 1556 को दिल्ली विजय प्राप्त की । 300 वर्षो बाद किसी हिन्दू शासक ने दिल्ली की सत्ता प्राप्त की थी ।

दॊसर वैश्य का वर्गीकरण -पंडित कामता प्रसाद द्वारा लिखी पुस्तक "जाति भास्कर " सम्वत 1960 विक्रमी के लगभग से पता चलता है कि इसमें लगभग 400 वैश्य उप-जातियों का विवरण है ।इस सूची में दोसर वैश्य के स्थान पर दूसर वैश्य का विविरण मिलता है जो कि दिल्ली और मिर्जापुर के बीच गंगा किनारे निवास करते है ।

दोसर वैश्य समाज की धार्मिक मान्यताएं - दोसर वैश्य समाज गाय को बहुत ही सुभ एवं पवित्र मानते थे । दोसर वैश्य समाज वैष्णव् मत को मानने वाले है । उत्तर भारत में केवल दोसर वैश्य समाज में विवाह में वधू को निगोड़ा पहनाया जाता था । आज भी दोसर वैश्य समाज के अतिरिक्त आज किसी समाज में निगोड़ा नहीं पहनाया जाता है |

मोती लाल जी का शॊध - ब्रिटिश शासनकाल में सन 1880 में मोतीलाल भार्गव द्वारा दिए गए शॊध पुत्र "हेमू और उसका युग" में वर्रण है - दूसी जो हेमू का जन्म स्थान था वहां वैश्य को दूसी वैश्य जो वर्तमान में दॊसर वैश्य कहा गया है ।




Saturday, February 6, 2016

Ritesh Agarwal - रितेश अग्रवाल





Ritesh Agarwal (born 16 November 1993) is an Indian entrepreneur and the founder and CEO of OYO Rooms. He started his entrepreneurial journey at the age of 17 and is considered to be one of the youngest CEOs in India. He is the first resident Indian to win the Thiel Fellowship.

He first started Oravel Stays at the age of 18, and then catapulted it into OYO Rooms.  It also features among the companies which may become the next start-up unicorns according to CB Insights research's findings, published in The New York Times.

He was born on November 16, 1993, in Bissam Cuttack and was raised in a middle-class Marwari family. His father works with an infrastructure corporation and his mother is a homemaker. He has three siblings.

He went to Sacred Heart School in Rayagada, Odisha. After finishing class 12th, he enrolled in Indian School of Business & Finance,  However, he didn't continue with his college education and dropped out to start his own company without his family knowing of this move. He has often talked to the media about how he was scared of his parents getting to know that he has dropped out of college. In an interview with the Economic Times, Agarwal said, "When the newspapers started reporting it. My dad came to Delhi and was perplexed to see the office. It took me a day to convince him. My mom was very unhappy because she felt who would take me for a groom? You needed to be at least a graduate."

He started travelling extensively across India at the age of 17. His various stay experiences at budget accommodations inspired him to launch Oravel Stays in 2012. Oravel was modeled after Airbnb. By 2013, Agarwal realized that mere aggregation of bed and breakfasts couldn't address the problems of budget travelers in India and hence, he pivoted Oravel Stays into OYO Rooms.

In the same year, Agarwal was selected for the Thiel Fellowship. The fellowship created by PayPal founder, Peter Thiel, provides $100,000 to college drop-outs under 22 years of age to pursue their idea.  Agarwal is the first resident Indian Thiel fellow.

OYO Rooms

OYO Rooms is India's largest budget hotel chain and is present in over 120 cities across the country with 20,000 rooms under its umbrella. OYO Rooms is not merely an aggregator of budget hotels but instead focuses on the standardization of hotels in the non-branded hospitality sector. OYO Rooms is considered to be one of the very few start-ups which are non-copycat. According to Agarwal, OYO Rooms was founded to solve the problem of the lack of predictability, affordability, accessibility and availability at budget stays.

Awards and Recognition

First resident Asian to win Thiel Fellowship, 2013.

Top 50 Entrepreneurs in 2013 by TATA First Dot powered by NEN Awards.

NCSE Awardee and was among the finalists of Global Student Entrepreneurship Awards-India.

Named as one of the '8 Hottest Teenage Start Up Founders in the World' in 2013 by Business Insider

TiE-Lumis Entrepreneurial Excellence Award in 2014.

Business World Young Entrepreneur Award in 2015.

Controversies

The co-founders have alleged that he uses unethical means to run the business. Recently it was revealed by Kunal Pandya, the founder of Ncrypted, that Ritesh Agarwal is a liar and knows no coding at all.


Vaishnav Khamar

Vaishnav Khamar

Vaishnav Khamars comes in Vaishya Varna of Hinduism. Khamars are Vaishnavs from Gujarat. Generally they used to known as Vaishnav Khamar. Comes under Forward Castes Category like Brahmins & Baniyas. It is not well known because of their population approx 9800 all over the world. Mostly comes from North Gujarat. Various misunderstandings about this caste but it certified that they are Vaishnav Khamar like Vaishnav Baniyas. They are related with Natural Production Farming & wholesale Business of various Grains, whole Vegetables etc Natural Products. But, Now a days no one is relating with these because of education improvement people spread out all over the world for their lives enhancements.

History

According to history of Gujarat Khamars are subdevided from Kadva Patidar samaj many years back. so, their natives are Patidars(Patels) but, now they are comes in Vaishnav's Sub castes. Generally Patidars are relating with Production & Business of natural goods, same as their Vaishnav Khamars are relating with. Caste includes various Gotras Like Kashyap, Kaushika, Arya, Garg etc.....

साभार : विकिपीडिया