Wednesday, June 21, 2017

वैश्य समुदाय से आपत्ति क्यों......

जिन्हें वैश्य समुदाय(बनिया, पटेल, खत्री, अरोड़ा, सिन्धी, सूद, भाटिया, लोहाना, चेट्टियार, शेट्टी, चेट्टी, मुदलियार, नाडार, वन्नियार, जैन, तेली, साहू, राठोड़, कलवार, कायस्थ, आदि) से आपत्ति हैं. --उनके लिए -- कुछ निम्नलिखित तथ्य प्रस्तुत कर रहा हूँ.

इसे पढ़ कर वैश्यों के बारे में धारणा ठीक हो जाएगी जिन्हे कुछ भी भ्रम है --

भारत में वैश्यों की स्तिथि --इन तथ्यों को भी जान लें -

-- सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य
-- सम्राट अशोक
-- गुप्त वंश के सम्राट
-- सम्राट चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य
-- सम्राट समुद्रगुप्त
-- सम्राट हर्षवर्धन
-- भारत के अंतिम हिन्दू सम्राट हेमू विक्रमादित्य 
--ःभारत के राष्ट्र पिता महात्मा गांधी
--पहले सेनाध्यक्ष जनरल करियप्पा 
--प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रमोदी
--भाजपा अध्यक्ष श्री अमित शाह 
--भारत के कुल इनकम टैक्स में 64% योगदान -
--भारत में विभिन्न प्रकार के दिए जाने वाले दान में 62% योगदान -
--लगभग 12000 गोशालाओं का सुचारु संचालन -
--भारत के 46% शेयर ब्रोकर बनिए हैं -
--भारत की GDP में लगभग 60% योगदान -
--बनिए भारत की कुल संपत्ति के 38% पर मालिकाना अधिकार रखते हैं -
--लगभग 35% चार्टर्ड अकाउंटेंट बनिए हैं -
--18% इंजीनियर-
--20% डॉक्टर -
--21% कंपनी सेक्रेटरी -
--21% कॉस्ट अकाउंटेंट -
--17% एम् बी ए, 12% वकील -
--लगभग 80% से ज्यादा धर्मशालाएं बनियों द्वारा संचालित हैं -
--मंदिरों में दिए जाने वाले दान में सबसे जयादा हिस्सा बनियों का होता है --
ये बनियों के मालिकाना हक़ वाली कुछ कंपनियों की सूची है --
--जिंदल स्टील -
--मित्तल आर्सेलर स्टील -
--भारती एयरटेल -
--जेट एयरवेज-
--वेदांता स्टरलाइट -
--ज़ी ग्रुप (एस्सेल ग्रुप)
--बिग बाजार -
--रिलायंस ग्रुप -
--टेली सोलुशन -
--ग्रासिम -
--हिंडालको-
--आईडिया सेलुलर -
--सन फार्मा -
--एस्सार स्टील-
--अम्बुजा सीमेंट -
--डालमियां सीमेंट -
--अल्ट्राटेक सीमेंट -
--विक्रम सीमेंट -
--जे के सीमेंट -
--हिंदुस्तान मोटर्स -
--बजाज ऑटो -
--टाइम्स ऑफ़ इंडिया -
--हिंदुस्तान टाइम्स -
--अमर उजाला -
--दैनिक जागरण -
--दैनिक भास्कर -
--दिव्या भास्कर -
--लोकमत -
--इंडियन एक्सप्रेस -
--फ्लिपकार्ट -

साथ ही जी टीवी, टीवी 18, इ टीवी, नेटवर्क 18, आज तक, ABP NEWS 
--Myntra- 
--yebhi-
--Indiamart-
--Zamato -
--snapdeal -

इतना सब कुछ और जनसँख्या 20 करोड़ ---और -- वो भी बिना किसी आरक्षण के ! आगे बढ़ने के लिए दिमाग और मेहनत चाहिए। अपना स्वाभिमान हैं. अपनी मेहनत हैं, इसलिए तो सबसे आगे हैं. यह तो एक झलकी हैं मेरे दोस्त, आगे तो पूरी रामायण हैं……

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