वैश्य जातियों की सूची



  1. मधेशी वैश्य
  2. रोनियार वैश्य - १ 
  3. रौनियार वैश्य -२
  4. रौनियार वैश्य - ३ 
  5. दौसर वैश्य समाज 
  6. मधेशिया वैश्य 
  7. भंडारी वैश्य 
  8. कलवार वैश्य - १ 
  9. कलवार वैश्य - २ 
  10. कलवार वैश्य - ३ 
  11. पटेल 
  12. गनिगा तेली (कर्नाटक)-१ 
  13. गनिगा (गान्द्ला) कर्नाटक - २ 
  14. पटवा 
  15. माहेश्वरी वैश्य -१ 
  16. माहेश्वरी वैश्य - २ 
  17. माहेश्वरी वैश्य - ३ 
  18. माहेश्वरी वैश्य - ४ 
  19. माहेश्वरी वैश्य - ५
  20. चौरसिया वैश्य 
  21. पुरवाल वैश्य 
  22. पोरवाल वैश्य 
  23. सरावगी जैन वैश्य 
  24. अग्रवाल जैन 
  25. ओसवाल जैन वैश्य - १ 
  26. ओसवाल जैन वैश्य - २ 
  27. ओसवाल जैन वैश्य - ३
  28. कांदु वैश्य 
  29. माहुरी वैश्य 
  30. सिन्दुरिया या कायस्थ बनिया 
  31. वैश्य वाणी (महाराष्ट्र,  कर्नाटक) 
  32. ओमर वैश्य 
  33. उनई साहू वैश्य 
  34. कपाली वैश्य (बंगाल)
  35. गंध बनिक (बंगाल)
  36. माथुर वैश्य 
  37. वानिया चेट्टियार (तमिलनाडु) 
  38. खडायत वैश्य (गुजरात )
  39. चेट्टियार (तमिलनाडु)
  40. केसरवानी वैश्य 
  41. खत्री 
  42. बोहरा वैश्य 
  43. कपोल वैश्य 
  44. मोढ्ह वैश्य 
  45. तेलुगु वैश्य 
  46. आर्य वैश्य (आंध्र, तमिल, कर्णाटक)
  47. बरनवाल वैश्य 
  48. हलवाई या मोदंनवाल वैश्य 
  49. असाती वैश्य 
  50. रस्तोगी वैश्य 
  51. विजय वर्गी वैश्य 
  52. खंडेलवाल 
  53. साहू - तेली 
  54. अग्रवाल -१ 
  55. अग्रवाल - २ 
  56. लोहाना 
  57. अरोरा 
  58. अग्रहरी 
  59. सोनवाल सिहारे वैश्य 
  60. कमलापुरी वैश्य
  61. गहोई वैश्य
  62. मेडतवाल वैश्य
  63. घांची वैश्य  
  64. कानू वैश्य
  65. कोंकणी वैश्य
  66. चौसैनी वैश्य
  67. महाजन वैश्य
  68. भानुशाली
  69. नागाराथर वैश्य
  70. महावर वैश्य
  71. उनई साहू वैश्य
  72. कशौधन वैश्य
  73. अयोध्यावासी कौशल वैश्य
  74. वैष्णव खम्मार
  75. माहुरी वैश्य
  76. ओमर उमर वैश्य
  77. वार्ष्णेय वैश्य
  78. भनोदा वैश्य 
  79. श्रीमाल वैश्य 
  80. नेमा समाज
  81. सूधी- शौन्द्रिक-सूरी वैश्य
  82. सुनार स्वर्णकार वैश्य

72 comments:

  1. i want to know about my self.
    i am belonging basically village sidpura, distt. etha, uttar pradesh
    my surname is gupta.
    my gotra is atri.
    if you above community origin or some other history please send me

    thank you

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    1. श्रीमान जी अपनी जाति के बारे मे संपूर्ण जानकारी भेजिएगा...

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    2. Arun ji sidpura main aap kaha rahte hain

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  2. महोदय जी नमस्कार - हम कमलापुरी वैश्य है लेकिन आपके वेव साईट पर हमारे बारे में जिक्र नहीं है
    मूलतः कमलापुर (कश्मीर) के मूल निवासी है हमारे पूर्वज व्यापार हेतु नेपाल के तराई में आया करते थे हमारी महारानी कमलावती थी राज्य धन संपदा से परिपूर्ण था,हम लोगो का गोत्र कश्यप है कमलापुर नगर का वर्णन चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपनी पुस्तक में किया है किन्तु बाद में मुस्लिम आक्रमणकारियों के कारण राज्य छिन्न-भिन्न हो गया सुरच्छा के लिए जो जहाँ व्यापार करते थे वही बस गए परिणाम स्वरूप आज उत्तर प्रदेश व् विहार के शहरो -बस्ती ,गोंडा ,बलरामपुर ,गोरखपुर,सिदार्थनगर ,जौनपुर बढनी,पटना,छपरा,पलामू में है.बाद में लखनऊ ,कानपूर दिल्ली ,मुंबई होते हुए देश भर में फ़ैल गए साथ ही नेपाल में काठमांडू ,कृष्णानगर,बहादुरगंज,चंद्रौता,दान,बुटवल आदि में भी है हमलोग कमलापुरी ,गुप्ता ,कमल आदि टाइटिल का प्रयोग करते है
    आनन्द गुप्ता

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    1. नमस्कार जी, श्रीमान जी मैं क्षमा चाहता हूँ. मुझे आपकी जाती के बारे मे जानकारी नही थी. आपने बताया धन्यवाद. कृपया अपनी जाति के बारे मे और इसके इतिहास के बारे मे जानकारी मेरे मेल पर या कमेंट के अंदर ही भेज दीजिएगा. मैं इसे प्रकाशित कर दूँगा..धन्यवाद..वनडेमातरम...

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    2. mai banda u.p. se prashant gupta-isme apne ayodhya wasi vaishy ke bare me nahi likha hai.

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    3. आशीष जी राम राम, श्रीमान जी अयोध्या वाशी वैश्यों के बारे में मेरे पास जानकारी नहीं हैं, कृपया जानकारी भेजे, मैं इसे प्रकाशित करदुंगा...वन्देमातरम...

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    4. मैं मद्धेशिया हुं हमें गोत्र के बारे जानकारी दे।

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  3. Madheshiya vaishya me Mul ka kya mahatva hota hai iske vishay me jankari chahta hu. Kripya bataye.

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    1. मै भी मद्धेशिया हलवाई से हु हमारे यहाँ भी जब किसी की शादी होती है तो मूल पूछा जाता है हमें भी 6 मूल की जानकारी चाइए

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  4. Kripaya gahoi vaish samaj k baare me bhi likhiye.... Mera naam Shivam jar hai.... Me gahoi vaish hu. Katni and jabalpur m.p. se.

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  5. Parveen ji Namaskar, aapki site dekhker avam padkar bahut jankari mili iske liye aapko bahut bahut dhanyabad. me aapko batana chahta hu ki UP ke khurja Bullandshar area me Chaturshreni ( Chaoseni ) vaish bahut aadhik sankhaya me rahte hai or inka vaish jaati me bahut yogdan bhi hai. aaj kal Chaoseni Vaish lagbhag India abam abroad me jagah jagah phele huai hai. aap se anurodh hai ki inke bare me bhi aap apni site per kuch likhe or inhe protshahit kare.

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    1. गुप्ता जी राम राम, जानकारी देने के लिए धन्यवाद, श्रीमान जी, चतुर्सैनी वैश्यों के बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं हैं. कृपया मुझे उपलब्ध कराये. आप जैसे बंधुओ के सहयोग से ही मैं ये ब्लॉग चला रहा हूँ. कृपया सहायता करे. धन्यवाद, वन्देमातरम...

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    2. Parveen Ji Namaskar, Jaisa ki aapne Chaturshreni ( Chaoseni ) vaish vansh ke barey me anbhigata jatai to mey aapko batana chagunga ki chaoseni vaisho ke aadi pita Rishi Chaivan se inka udgam / utthan hua hai. Chaturshreni vansh mey 48 ( Fourty Eight ) Gotra hai joki niman parkar se hai. 1. Vaidh 2.Chandosia 3. Ratlibar 4.Hosella 5. Nimchania 6. Mundela 7. Thagele 8. Bajeria 9. Nimbala 10. Kashepu 11. Doduaa 12. Palliwal 13. Dhanoria 14. Vardania 15.Jhajharia 16. Kadarpuria 17. Bhiruktiya 18.Pallarwal 19. Bammoria 20. Budeshwer 21. Banwaria 22.Gaanglesh 23. Bhamoria 24. Lathoria 25. Chodharia 26. Mayania 27. Aahiriya 28. Baamte 29. Baboria 30. Mansa 31. Chandiriya 32. Jasal 33. Gautam 34. Arya 35. Shringaria 36. Jhameya 37. Kanakpuria 38.Tusia 39. Bamansultaniya 40. Vansaria 41. Ravo 42. Bhojeshwer 43. Pisvada 44. Pandia 45. Dyodiya 46. Aamia 47. Batchleshwer 48. Angira . uprokat sabhi gotra se samandhit varg adhiktar uttari bharat ke chhetro me rehat hai.

      **Aarti Shri Chaivan Rishi Ji Ki**

      Aarti Kije Chaivan Rishi ki
      Kirati kalit lalit hai jinki ii Aarti kije.......
      Matt Pulomanna jinki janni
      Bhirgu Rishi Pita Sukanya Patni
      Bharat Bhu Taran Maharishi Var ki ii Aarti Kije
      Arya vansh ke parbal Niyanta,
      Chaturshreni vaish ke Bhagvanta
      Abhyanta jan gan ke hiy ki ii Aarti kije
      Gavat jinke Gun Nij Vansaj,
      Hum Jinke hai Prarit Ansaj
      Abhinav Vipul Kirti hai jinki ii Aarti Kije
      Vaidh gotra ke Pahle Poshak
      Gao Mata ke hit Parposhak
      Brij Mandal me Chhavi hai jinki ii Aarti Kije
      Nana Bhesaj Ausidhi Dinihi
      Vaish Vansh ki Vridhi kinihi
      Sada Rahegi kiriti Jinki ii Aarti kije Chaivan Rishi Ki....


      Chaivan Rishi ki Jot ko Jaga Subah aur Sham i
      Aise Rishi ke Charan par mera koti koti Parnam ii

      Jai Vaish Jai Bharat

      Jankari hetu aapko Preshit :-

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  6. Pandit ji Namaskar, Mujhe bataiye ki Chaturshreni (Chaoseni) Vaishya vansh kya baniyo me gine jaaate hai.

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  7. गौरव जी नमस्कार, चतुर्सैनी वैश्य भी बनिए होते हैं. और हां, आपने मुझे पंडित जी क्यों कहा हैं?

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  8. AUR HM LOG KON SE NUMBER PR AATE H...BANIYO MEIN





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  9. WEISE JO MERA SURNAME GUPTA H & GOTRA JHAJHARIYA

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  10. Kasudhan , Bhi Baniya hote hai,, Unka koi Jikr nhi hai yaha pr,,

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  11. Kasudhan , Bhi Baniya hote hai,, Unka koi Jikr nhi hai yaha pr,,

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    1. राधेश्याम जी मैंने कशोधन वैश्यों का वर्णन किया हैं, जातियों की सूचि में नीचे ७२ वे नंबर पर हैं..

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  12. Dhosi Hill is located on the north-western part of the Aravalli Mountains, particularly along the southern portion of Haryana and northern part of Rajasthan and is renowned for being an extinct volcano. Visitors will come across a distinctive crater and lava lying over Dhosi Hill, which also bears a religious significance as this spot is believed to be associated with the growth of the 'Sanatana Dharma', the oldest religion of the entire world, now recognised as Hinduism. Dhosi Hills have been mentioned in the Puranas, Brahamanas and also the Mahabharata. It is here that the 'ashram' of Rishi Chyavana (for whom the famous Ayurvedic tonic 'Chyawanprash' was made) existed, which dates back to over 10, 000 years. The Rajasthan area of Dhosi Hill is situated in Jhunjhunu District while the Haryana part of the Dhosi Hill, Mahendragarh District is based at a distance of nearly 5 kms away from Narnaul, on Singhana Road. However Dhosi Hill is referred to as 'Pahadi Dhusran' or 'Hill owned by 'Dhusars'. Dhusars are said to be Brahmins and Vaishyas who are descendants of Bhrigu Rishi and Chyavana Rishi.

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  13. महान ऋषि भृगु के पुत्र थे च्यवन ऋषि, इनकी माता का नाम पुलोमा था. ऋषि च्यवन को महान ऋषियों की श्रेणी में रखा जाता है इनके विचारों एवं सिद्धांतों द्वारा ज्योतिष में अनेक महत्वपूर्ण बातों आगमन हुआ इस कारण यह ज्योतिष गुरू रुप में भी प्रसिद्ध हुए तथा इनके द्वाग्रंथों से ज्योतिष तथा जीवन के सही मार्गदर्शन का बोध हुआ.









    च्यवन ऋषि जन्म कथा | Sage Chyavana Birth strory

    ऋषि भृगु की पत्नी का नाम पुलोमा था एक बार जब भृगु ऋषि अपनी पत्नी के पास नहीं होते हैं तब राक्षस पुलोमन, उनकी पत्नी पुलोमा जबरन अपने साथ ले जाने के लिए आता है वह पुलोमन को बलपूर्वक ले जाने लगता है उस समय पुलोमा गर्भवती होती हैं और इस कारण इस संघर्ष में शिशु गर्भ से बाहर गिर जाते है और बालक के तेज से राक्षस पुलोमन भस्म हो जाता है, तथा पुलोमा पुन: अपने निवास स्थान भृगु ऋषि के पास आ जाती हैं .गर्भ से गिर जाने के कारण इनका नाम च्यवन पड़ा.
    च्यवन ऋषि से संबंधित मुख्य घटनाएँ | Significant incidents of Sage Chayanvana’s Life
    ऋषि च्यवन और सुकन्या । Chyavana and Sukanya

    जन्म से ही च्यवन विद्वान और ज्ञानी थे वह एक महान ॠषि थे. इनके पुत्र का नाम और्व और इनका विवाह आरुषी से हुआ था जिससे इन्हें और्व नामक पुत्र प्राप्त हुआ. इनकी अन्य विवाह राजा शर्याति की पुत्री सुकन्या से भी हुआ था. ऋषि च्यवन ने बहुत कठोर तपस्या की थी वह लंबे समय तक निश्चल रहकर एक ही स्थान पर बैठे रहे. जैसे जैसे समय बीतता गया और उनका शरीर घास और लताओं से ढक गया तथा चीटियों ने उनकी देह पर अपना निवास बना लिया वह दिखने में मिट्टी का टिला सा जान पड़ते थे.

    इस तरह बहुत समय गुज़र गया एक दिन राजा शर्याति की पुत्रि सुकन्या अपनी सखियों के साथ टहलती हुई च्यवन मुनि के स्थान जा पहुँची वहां पर मिट्टी के टीले में चमकते दो छिद्रों को देखकर चकित रह गई और कौतुहल वश देह को बांबी समझ उन छिद्रों को कुरेदने लगती हैं. उनके इस कृत्य से ऋषि की आंखों से रक्त की धारा निकलने लगती है और ऋषि च्यवन अंधे हो जाते हैं और क्रोधित होकर वह शर्याति की सेना का मल-मूत्र रुक जाने का शाप दे देते हैं. राजा शर्याति ने इस घटना से दुखी होकर उनसे विनय निवेदन करते हैं क्षमायाचना स्वरुप वह अपनी पुत्री को उनके सुपुर्द कर देते हैं इस प्रकार सुकन्या का विवाह च्यवन ऋषि से हो जाता है.
    ऋषि च्यवन और अश्चिनीकुमार | Sage Chyavana and Ashvins

    सुकन्या बहुत पतिव्रता थी वह च्यवन ऋषि की सेवा दिन रात लगी रहती. एक दिन च्यवन ऋषि के आश्रम में , देवों के वैद्य अश्‍वनीकुमारआ आते हैं. सुकन्या उचित प्रकार से उनका आदर-सत्कार एवं पूजन करती है. उसके इस आदर भाव व पतिव्रत से से प्रसन्न अश्‍वनीकुमार उसे आशीर्वाद प्रदान करते हैं वह च्यवन ऋषि को उनका यौवन व आंखों की ज्योती प्रदान करते हैं आँखों की ज्योती और नव यौवन पाकर च्यवन मुनि बहुत प्रसन्न होते हैं वह अश्चिनीकुमारों को सौमपान का अधिकार दिलवाने का वचन देते हैं.

    यह सुनकर अश्विनी कुमार प्रसन्न होकर और उन दोनों को आशीर्वाद देकर वहाँ से चले जाते हैं. शर्याति जब च्यवन ऋषि के युवा हो जाने के बारे में सुनते हैं तो बहुत प्रसन्न होते हैं व उनसे मिलने जाते हैं. ऋषि च्यवन, राजा से कहकर एक यज्ञ का आयोजन कराते हैं. जहां वह यज्ञ का कुछ भाग अश्विनी कुमारों को प्रदान करते हैं. तब देवराज इन्द्र आपत्ति जताते हैं और अश्‍वनीकुमारों को यज्ञ का भाग देने से मना करते हैं

    परंतु च्यवन ऋषि, इन्द्र की बातों को अनसुना कर देते हैं इससे क्रोधित होकर इन्द्र ने उन पर वज्र का प्रहार करने लगते हैं किंतु ऋषि च्यवन अपने तपोबल से वज्र को रोककर एक भयानक राक्षस उत्पन्न करते हैं. वह राक्षस इन्द्र को मारने के लिए दौडता है इन्द्र ने भयभीत होकर अश्‍वनीकुमारों को यज्ञ का भाग देना स्वीकार कर लेते हें और च्यवन ऋषि से क्षमा मांगते हैं च्यवन ऋषि का क्रोध शांत होता है और वह उस राक्षस को भस्म करके इन्द्र को कष्ट से मुक्ति प्रदान करते हैं.
    च्यवन मुनी और राजा कुशिक । Chyavana and Kushika

    एक बार च्यवन मुनि ने कुशिक वंश को पूर्ण रुप से समाप्त करना चाहा इसलिए वह राजा कुशिक के यहाँ अतिथि रूप में जाते हैं और इक्कीस दिनों तक उनकी कडी परीक्षा लेते हैं लगे. राजा-रानी उनकी सेवा में लग गये। इस प्रकार के अनेक कृत्य होने पर भी जब राजा कुशिक तथा रानी अपने कर्म से विचलित नही हुए तो च्यवन उनके सेवाभाव से बहुत प्रसन्न होते हैं और उन्हें एक अद्भुत स्वर्णमहल प्रदान करते हैं तथा वरदान स्वरूप उन्हें महापराक्रमी क्षत्रिय धर्मा वंशज(परशुराम) के उत्पन्न होने का वर देते हैं तथा वह कहते हैं की राजा कुशिक की तीसरी पीढ़ी से कौशिक वंश प्रारंभ होगा और तुम्हारे वंश गाधि को विश्वामित्र नामक ब्राह्मण-पुत्र की प्राप्ति होगी .

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    1. क्या च्यवन वैश्य समुदाय से हैं? हैं तो उसका क्या इतिहास और संदर्भ है? कृपया बताएं।
      उपेंद्र कश्यप। 9931852301 दैनिक जागरण।
      लेखक-श्रमण संस्कृति का वाहक दाउदनगर। मैं भी वैश्य हूँ और समाज के लिए कार्य करता हूँ। कृपया जानकारी फोन पर इसी नंबर पर ह्वाट्सएप पर देने का कष्ट करें।

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  14. Bhargava, also spelled Bhargav, is a community in India who believe themselves to be descended from the sage Bhrigu. Its members originate from the Dhosi Hill area and were originally known as Dhusars.
    The Bhargava community were originally known as Dhusars and were a trading caste (bania or vaishya). During the later part of the 19th century they successfully engineered a rise to the status of brahmin using a process sometimes termed sanskritisation. It was at this time that they took the name of Bhargava.[1] The oldest known inscription mentioning the Dhusar community is at the Sakrai Mata temple at Sakrari in Sikar district, Rajasthan. Dineshchandra Sircar dates this to 879 AD,[2][full citation needed] although it is dated by others to 642 A.D. They were merchants or traders at that time.[3]

    The Bhargava now believe themselves to be descended from the sage Bhrigu and his son Chyavana.
    The Bhargava have well-established community associations, the Bhargava Sabhas, that operate in various cities[5] under an umbrella organisation, the All-India Bhargava Sabha (AIBS) located at Gurgaon, Haryana. There are around 37 of these Bhargava Sabhas.[6]

    AIBS has also held international conferences. These took place in Canada (2008), USA (2009) and Dubai (2012).

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  15. श्री खरे केशरवानी वैश्य समाज सतना मध्य प्रदेश

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  16. श्री खरे केशरवानी वैश्य समाज सतना मध्य प्रदेश

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  17. प्रवीणगुप्ताजी नमस्कार,कृपया बताये कि उनाई-साहू वैश्य व तेली समाज में क्या समानता हैं।

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  18. प्रवीण जी बताये बतयेकी की क्या अग्रहरि लड़के का कवीवह अग्रवाल अथवा कसौधण लड़की लड्किसे हो सकता है

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  19. प्रवीण जी अग्रहरि वैश्यों के उद्गम के बारे मेआपके पास कोई जानकारी है?
    rakgupt05@gmail.com

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  20. वनिया के सभी जाति को भारत मे एक नाम से Q नही बोला जाता हैं अलग-2 जाति सूचक का प्रयोग करके हमें कमजोर किया गया हैं हमारे अल्पसंख्यक,कमजोर उपजाति के भाई-बहन को पताडित किया जाता हैं इसके बारे मे कोई नही (प्रशासन, पुलिस, नेताओं) ध्यान दिया। इनके बारे में कुछ भी जानकारी समाज को नहीं हो पाता हैं इनके बारे में आप अपना अनुभव बताने की कृपा करे

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    1. प्रवीण जी हम बिखरे हुए वो मोती है जिन्हें एक धागे में बाधने की ज़रूरत है

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    2. App ke vichar se Mai puri Tarah se samaj hu balmiki gi. Hum vasya tabhi majbut Hoge jab sabhi roti aur beti ka rista banayege.

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  21. Sir,
    Plz provide details about Sangal community belongs shamli, Meerut,u.p.
    Is they belongs to guptas.

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  22. Goyal gotre konse vanish samaj me aata h

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  23. Goyal gotre konse vanish samaj me aata h

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  24. Goyal gotre konse vanish samaj me aata h

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  25. Goyal gotre konse vanish samaj me aata h

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  26. In Maharashtra Vaishya Wani are not Teli ....Telis are as above......Tilwan Teli,Ek Baile Teli,Don Baile Teli .Kindly conform from reliable sources and publish the list .

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  27. Sir banodha vaish kon si cast h vistar sa bataiya iska bara ma....

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  28. श्री मान जी साहू गोत्र के बारे में कुछ जानकारी दें

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  29. वैश्य सिर्फ वाणि नहि होते इसमे और भि कइ जातिया शामिल है. महाराष्ट्र मे यह एक प्रघात है कि वैश्य के आगे वाणि जोड देना इसका यह अर्थ नहि है कि सिर्फ बनिये या वाणि लोग हि वैश्य है. जितनिभि ब्युझिनेस्स कम्युनिटी है वोह सभि वैश्य मे आति है.

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  30. हमें कमज़ोर करके ऊपरी जातियाँ आनंद लेती है

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  31. Praveen ji aap ye btaye ki शोणडिक cast ko aap nhi add kiye h hm bihar se h soundik ko शुढीं v kha jata h ye mul rup se baniya mahajan khte h aur title gupta h aur gotta kashyap

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  32. बिहार की साह (कानुजिया) के बारे में बताये

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  33. साह जाति का इतिहास जानना चाहता हूँ । और ये किन किन surmane का प्रयोग करते है

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  34. I belong to Bihar state, where KASERA, THATHERA, TAMRAKAR, KESARWANI,…. are regarded as Bania/Baniya. Whether these castes/sub-castes are coming under Vaishya?
    Kasera: Hindu – Vaishya – Bania/Baniya (Haihaivanshi-Kshtriya) ??
    http://news.desigoogly.com/blog/kasera-caste-definition/
    http://indpaedia.com/ind/index.php/Kasar
    https://en.wikipedia.org/wiki/Tamrakar

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  35. Sir me halwai ladka hu kya me agarhari baniya ki ladki se sadi kar sakta hu.... Plz sir reply

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  36. Praveen Ji. I belong to bihar state and my caste is "shoundik" which is also called "suri" and "shunri"in west bengal. My surname is sah and other surname used by our caste are Gupta, Purvey, Panjiyar, Mandal, Mahaseth, Manjhi, and mahto. My caste is not included in your list. Let me know please whether shoundik caste do not belong to vaishya varna.

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  37. श्रीमान जी मैं क्षमा चाहता हूँ, भूलवश रह गयी थी. आपने याद दिलाया धन्यवाद, मैंने शौन्द्रिक जाति के बारे में पोस्ट डाल दी हैं, आप देख लीजिये. धन्यवाद.

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  38. sir.there is one vaish category who are very limited and concentrated in areas SITAPUR ,HARDOI,KANPUR only named HARDOYE Vaish and gotra called KASHYAP.They used to do business upto 3-4 generation back.They appeared to follow Marwari and Gujrati traditions also.they usE SURNAME AS vAISH.have you any idea about this BIRADARI.THANKS

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  39. Chauseny vaishyon ke jo 48 gotta uper diye h unme MOTIHAR gotta ka man Nani h. Jabki Mai Devprakash Gupta up ke aligarh jile ke Bhartua gaon se mule rup se hun aur mera gotra motihar h. Hamara udgam bihar ke motihari jile se mana jata h. Ash ise apni list Mai shamil Karne ka kasht Karen

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  40. Sir apne Gahoi Vaish samaj k bare me adhik jankari nahi Di hai. Gotra Aur aankno ka varnan nahi hai.
    Gahoi samaj bhi maheshwari Aur agrawal samaj k jesa Ek pragitisheel evam prabhuttav wali samaj hai khaskar bundelkhand shetra mai jese ki Jhansi, gwalior, Jabalpur,aadi me.
    Umeed hai Ap dhyan denge..
    Dhanyavad

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  41. Sir, Kindly tell whether Dosar Vaishya are OBC/SC ?

    Regards.

    Anant Kumar

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  42. श्री मान् जी बलमतीरीयाॅ (हलूवाइ) भी वैश्य समाज में आता ।इस समाज की उत्पत्ति बलमघाट से उत्पन हुआ था ।जो कि गणिनाथ बाबा के सेवक है। इसके कुल गणिनाथ बाबा है ।
    कृपया इस जाति का नाम भी जोड़ दिया जाए ।

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  43. Kya madeshiya vasishya or dosar vasishya me sadi hoti hai

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  46. प्रवीण गुप्ता जी आपकी सूची में सोनार, स्वर्णकार नहीं हैं।

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  47. उत्कर्ष जी इधर पश्चिमी उत्तरप्रदेश, हरयाणा, पंजाब, दिल्ली, के सुनार अपने आप को वैश्य नहीं मानते हैं, वे अपने आप को राजपूत बताने लगे हैं.

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  48. सभी मित्रों को नमस्कार।
    आप सभी अपना ह्वाट्सएप नंबर दें। में सभी को वैश्य विमर्श ग्रुप से जोड़ना चाहता हूँ। ताकि हम वौद्धिक विमर्श को आगे तक ले जाएं। यह काम एक दिन या किसी अकेले का नहीं है।
    उपेंद्र कश्यप 9931852301।
    औरंगाबाद बिहार। पत्रकार, लेखक व समाज के लिए सक्रिय।

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    Replies
    1. उत्कर्ष जी स्वर्ण कार वैश्य जाति का इतिहास यदि आपके पास हो तो भेजिएगा, मैं उसे अपनी ब्लॉग पोस्ट पर डाल दूंगा.

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  49. Namaste parveen sir ji Madeshiya kanu konsi jati hoti hai

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  50. Ye modikya hai Amitsah kya hai

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    1. मोदी मोढ घांची वैश्य हैं, अमित शाह जैन वैश्य हैं.

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  51. madhesia vaishya kon si category mai aathe h

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