Tuesday, March 14, 2017

NAINA JAYSWAL - 16 Year Old Girl Is The Youngest Post Graduate In Asia


कुछ टैलेंट्स तो इंसान जन्म के दौरान ही लेकर आता है और कुछ यहां धरती पर आने के बाद आ जाती हैं। वैसे कुछ लोगों में इतनी प्रतिभाएं होती हैं कि उनके बारे में कुछ कहना भी कम ही लगता है। शायद उन्हें ही 'गॉड गिफ्टेड' का नाम दिया जाता है। एक ऐसा ही नाम है 'नैना जायसवाल', जिन्हें गॉड गिफ्टेड की संज्ञा दी जा सकती है। उनकी प्रतिभाएं इतनी हैं कि बखान करना भी मुश्किल सा लगता है। मात्र 16 साल की उम्र में नैना ने इतनी उपलब्धियां हासिल की हैं कि गिनते-गिनते उम्र कम पड़ जाए। चलिए बताते हैं नैना के बारे में..

नैना 8 साल की थीं जब उन्होंने अपनी 10वीं की परिक्षा पास कर ली। 13 साल की उम्र में जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन पूरा कर लिया। अब सोचने वाली बात है कि नैना में इतनी प्रतिभाएं कहां से आयी होंगी। उस मां-बाप के लिए कितनी गर्व की बात होगी जिसने ऐसी प्रतिभावान लड़की को जन्म दिया। अभी बात यहीं खत्म नहीं हुई, पन्ने कम पड़ जाएंगे नैना के बारे में लिखते-लिखते।

नैना अभी पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं। यही नहीं वो नेशनल लेवल की टेबल टेनिस चैंपियन भी हैं। अब बोलिए लड़किया किस मामले में पीछे हैं? हम तो कहें कि लड़कियां हर मामले में लड़कों से दो कदम आगे ही हैं। नैना के पिता ने नैना को हर काम के लिए सपोर्ट किया, हर काम के लिए सराहना की। 5 साल तक नैना की शिक्षा घर पर ही हुई, नैना के पिता खुद पढ़ाते थे।
कहानी अभी यहीं खत्म नहीं हुई। अभी कलाएं और भी हैं नैना की। नैना बेहद शानदार पियानो भी बजा लेती हैं और गाना भी गा लेती हैं। अपने दोनो हाथों से लिख लेती हैं। उन्हें रामायण के 108 श्लोक रटे हुए हैं। खाना बनाने में भी निपुण हैं, हैदराबादी बिरयानी 25 मिनट में बना लेती हैं।

अब कौन कहता है कि लड़कियां कमजोर होती हैं, लड़कियां घर का काम करने के लिए होती हैं और न जाने क्या-क्या। इन सब वाक्यों पर बस एक लगाम लगाने के लिए नैना जायसवाल का नाम काफी है। 16 साल की उम्र में इतनी उपलब्धियां कमाना आसान नहीं है और हर किसी के बस की बात भी नहीं है।


अब नैना की निगाह 2020 के ओलंपिक्स पर है। नैना के इरादे मजबूत हैं तो बेशक हर जंग में उन्हें सफलता मिलेगी। मेहनती और लगनशील के पर्याय में एक नाम 'नैना' का नाम लेना जरा भी अतिशयोक्ति नहीं होगी। बाकि नैना के लिए ढेर सारी दुआएं और शुभकामनाएं। इनके जज्बे को 100 सलामी।

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