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Wednesday, October 30, 2013

वैश्य गौरव अमर शहीद राम कोठारी व् शरद कोठारी



वैश्य गौरव अमर शहीद राम कोठारी व् शरद कोठारी

अयोध्या : 3 0 अक्टूबर 1 9 9 0 : बलिदान दिवस

तब मुलायम सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्य मन्त्री थे उन्होंने राम भक्तो को चुनौती दी थी कि अयोध्या में परिंदा भी प्रवेश नहीं कर सकता लेकिन राम भक्तों ने अपनी लाशें बिछा कर न केवल अयोध्या कि गलियों को बल्कि बाबरी ढांचे के गुम्बद पर चढ़ कर भगवा फहरा दिया था उसके बाद ढूंढ कर कोठारी बंधुओ का क़त्ल किया गया , यह बलिदान दिवस है l

आज 3 0 अक्टूबर 1 9 9 0 : बलिदान दिवस है , अपने निकट के मन्दिर बलिदानियों की स्मृति में एक दीपक अवश्य जलाएं और बलिदान की कथा को स्मरण करें

श्री रामजन्मभूमि को विदेशी आतताइयो से मुक्त करवाने के लिए कोठारी बंधुओ ने बलिदान दिया,

आज उनका बलिदान दिवस है 30 अक्टूबर 1990 को दोनों सगे भाइयो ने श्री रामजन्मभूमि को मुक्त करवाने के लिए बलिदान दिया, आज का दिन भूले से भी न भूले।

22 अक्टूबर 1990 को 69 कारसेवको का एक दल अयोध्या की और कूच करने निकल पड़ा, जिसका नेतृत्व दोनों भाई कर रहे थे, पूरा दल कोल्कता से बनारस की और रवाना हुआ पर स्टेशन पर सरकार ने सख्ती की हुई थी, जिस कारण उन्हें अयोध्या से 200 किलोमीटर दूर कोलापुर उतर कर टैक्सी लेनी पड़ी, 30 अक्टूबर को वे अयोध्या पहुंचे, हजारो रामभक्त वहां पर श्री राम जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए डटे हुए थे, लाठियां भांजी जा रही थी, कही पर आंसू गैस के गोले तो कही पर खूनखराबा, कोठारी बंधू सबसे पहले मंदिर के प्रांगन में पहुंचे और उन्होंने वहां पर भगवा ध्वज फहरा दिया, ये हिन्दुओ की जीत थे, इसके बाद सभी अयोध्या की गलियों में राम कीर्तन करते हुए जा रहे थे, उसी समय मुल्लायम के कहने पर पुलिस वालो ने निर्दोष, निहत्थे रामभक्तो पर निर्ममता पूर्वक ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी, कोठारी बंधू सबसे पहले पुलिस के अत्याचारों का शिकार बने, हजारो रामभक्तो ने अपना बलिदान दिया और अपना नाम इतिहास में अमर कर लिया, कोठारी बंधुओ और उनसे पहले श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के लिए बलिदान देने वाले लाखो हिन्दुओ शूरवीरो को हिन्दू समाज सदैव याद रखेगा, धन्य है वो माँ जिसने ऐसे सपूतो को जन्म दिया जिन्होंने अपने अराध्य श्री राम के जन्मस्थान मुक्ति के लिए अपने प्राण भी अर्पण कर दिए, यदि हर हिन्दू में ऐसी भावना होती तो आज श्री रामलला टेंट में न होते। 

मंदिर मुक्ति आन्दोलन तब तक चलता रहेगा जब तक सम्पूर्ण रामजन्मभूमि को विदेशियों चंगुल से मुक्त न करा लिया जाए.

जय जय श्री राम

साभार: फेसबुक पेज