Pages

Friday, July 31, 2026

SETH GOVIND DAS MALPANI - A REVOLUTIONARY

SETH GOVIND DAS MALPANI - A REVOLUTIONARY

जब भी देश के स्वतंत्रता आंदोलन की बात होती है, तो उसमें माहेश्वरी समाज के इतिहास पुरूष सेठ गोविन्ददास मालपानी का नाम एक महानायक के रूप में लिया जाता है। कारण है उनका वह त्याग जो उन्होंने देश के लिये किया। उनका व्यक्तित्व राजनैतिक क्षेत्र के लिये आज भी मिसाल बना हुआ है।


सेठ गोविन्ददास मालपाणी न सिर्फ माहेश्वरी समाज के गौरव थे बल्कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन के वे ऐसे इतिहास पुरूष थे, जिन्हें इतिहास कभी विस्मृत नहीं कर सकता। इस आंदोलन में मध्यप्रदेश का उल्लेख ही सेठ गोविन्ददास के बिना अधुरा है। उनका महत्व मध्यप्रदेश के लिये वही है, जो महाराष्ट्र के लिये तिलक, पंजाब के लिये लाला लाजपतराय, बिहार के लिये राजेन्द्र बाबू, गुजरात के लिये सरदार पटेल तथा उत्तरप्रदेश के लिये पं मदनमोहन मालवीय व मोतीलाल नेहरू आदि का है। फिर भी यदि आर्थिक त्याग की बात हो तो शायद सेठ गोविन्ददास का नाम ही शीर्ष पर आऐगा क्योंकि देश के खातिर अपनी अकूत सम्पत्ति को त्यागकर उन्होंने एक सामान्य जीवन बिताया, लेकिन देश से बड़ा किसी को भी न समझा ।

सेठ गोविन्ददास का जन्म 16 अक्टूबर 1896 को जबलपुर म.प्र. में राजा गोकुलदासजी के पौत्र के रूप में दीवान बहादुर जीवनदास के यहाँ हुआ। राजा गोकुलदासजी उस समय देश के ऐसे शीर्ष व्यवसायी थे, जिनकी हुण्डियाँ सम्पूर्ण भारत के साथ ही काबुल, कंधार, रंगून, सिंगापुर, कोलम्बो तथा कोआलालम्पुर तक चलती थी।
देश-विदेश में उनकी लगभग 375 गादियाँ थीं, जहाँ हजारों मुनीम व गुमाश्ते काम करते थे। गोकुलदासजी सिर्फ व्यवसायी ही नहीं थे, बल्कि मध्यप्रदेश की दो रियासतों जबलपुर व छिन्दवाड़ा के स्वामी भी थे। उनके परिवार के पास कितनी अकूत सम्पत्ति थी, इसका अनुमान सेठ गोविन्ददासजी के विवाह से लगाया जा सकता है। सेठ गोविंद दास जी का विवाह 1908 में सीकर राजस्थान की 8 वर्षीय गोदावरी बाई से विख्यात बियाणी परिवार में हुआ था उनके विवाह में अनुमानित रूप से दोनों पक्षों का मिलाकर आज के मान से 2 अरब से भी अधिक रुपया खर्च हुआ था।

ऐसे बदली जीवन की दिशा
किसी ने सोचा भी नहीं था कि सोने की चम्मच से खाना खाने वाला राजकुमार एक दिन आजादी की लड़ाई में अपना सब कुछ छोड़कर कूद पड़ेगा। जलियांवाला बाग हत्याकांड उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ बना। अंग्रेज हूकमत के इशारे पर हुई सैंकड़ों निर्दोष लोगों की हत्या ने इन्हें झकझोर कर रख दिया।
पैतृक रूप से तो राजकीय परिवार होने के कारण उनके परिवार के अंग्रेजों से मधुर संबंध थे, लेकिन इन सबके बावजूद भी वे अपने मन में गुलामी के खिलाफ उठ रहे शोले को रोक न सके। सन् 1916 में जब इनकी उम्र मात्र 20 वर्ष थी, तब वे लोकमान्य तिलक के सम्पर्क में आए। तिलक के जबलपुर आगमन पर गोविन्ददास जी ने अपने महल में ही लोकमान्य तिलक का स्वागत किया और उनकी स्वराज पार्टी में शामिल हो गये।

इनके इस कार्य से अंग्रेज नाराज हो गये और उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा। गोविन्ददासजी ने उत्तर में निर्भिकता से लिखा कि जिस प्रकार हम अपने यहाँ राजा-महाराजाओं का सत्कार करते रहे हैं, उसी प्रकार देश के महान नेता लोकमान्य तिलक का स्वागत करके भी हमने अपने कर्त्तव्य का पालन किया है।

अंग्रेजों की दमन-नीति से घबराकर आपके पिता दीवान बहादुर ने आपके समक्ष परिवार की सम्पत्ति के बंटवारे का प्रस्ताव रखा, ताकि सरकार परिवार की सारी सम्पत्ति जब्त न कर सके। इस पर आपने पत्र लिखा- ‘पिता-पुत्र के बीच सम्पत्ति का बंटवारा कैसा? वे सारी पारिवारिक सम्पत्ति का ही त्याग करते हैं।’ इसके बाद आप सुख-सुविधाओं और ऐशोआराम से युक्त अपने महल को छोड़ अपने परिवार के मंदिर के बगीचे में ही रहने लगे।
सन् 1920 में बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु होने पर स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व पूर्ण रूप से महात्मा गाँधी के हाथों में आ गया। आजादी की आग सीने में लिये सेठ गोविन्ददास राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गये। असहयोग आंदोलन में जबलपुर की बागडोर इन्होंने ही सम्भाली। आपके आह्वान पर देखते ही देखते एक बहुत बड़ी राशि स्वराज फंड में एकत्र हो गई। कांग्रेस कमेटी ने सत्याग्रह आंदोलन का निर्णय लिया, इसमें भावना को जानने के लिए छह सदस्यीय इन्क्वायरी कमेटी गठित हो गई।

इस कमेटी के जबलपुर भ्रमण व वहाँ की जानकारी एकत्र करने की जिम्मेदारी भी इन्होंने ही वहन की। गाँधीजी के सत्याग्रह आंदोलन के महाकौशल में संचालन की बागडोर सेठजी ने ही सम्भाली। स्वाधीनता आंदोलन के दौरान सन् 1923, 30, 32, और 42 में लंबी सजा भुगती।

कई बार आपके ऊपर जुर्माना हुआ और उसे न देने पर आपकी कार जब्त कर ली गई। सेठजी के लोकप्रिय व्यक्तित्व का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आप लगातार 20 वर्ष तक महाकौशल प्रांतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर आसीन रहे।

जब सेठ गोविन्ददास मात्र 12 वर्ष के थे, तभी इनका विवाह सीकर राजस्थान की 8 वर्षीय गोदावरीबाई से सन् 1908 में हो गया था। अतः गोदावरीबाई शिक्षित नहीं थी, लेकिन गोविन्ददासजी की प्रेरणा से वे भी शिक्षा की ओर अग्रसर हुई और उन्होंने भी मूलभूत शिक्षा ग्रहण की। उनके चार बच्चे थे। रत्ना कुमारी बाई, मनमोहनदास, जगमोहनदास और पद्मा। उनका एक और बेटा शशि मोहन था, लेकिन उसकी कम उम्र में मौत हो गई।
गोदावरीबाई भी स्वतंत्रता आंदोलन सहित अन्य समाज सुधारों में सेठजी के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चलीं। पर्दा प्रथा का विरोध करने वालों में भी वे आगे रहीं। इसके लिए समाज व रिश्तेदारों के विरोध का सामना करना पड़ा।

जिस समय सेठजी जेल में होते थे, तब गोदावरी बाई स्वतंत्रता आंदोलन की बागडोर सम्भालती थीं। स्वतंत्रता आंदोलन के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए ही वे महात्मा गाँधी की मुँह बोली बेटी कही जाती थीं।
सेठ गोविन्ददास जिन्होंने देश व सत्य के लिए अपना पैतृक सम्पत्ति छोड़ दी, उन्हें जीवन में कोई भी सत्य के पथ से डिगा नहीं पाया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान आप महाकौशल प्रांतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे, लेकिन आजादी के बाद राजनीति से दूर हो गए।

सिद्धांतों व आदर्शों से समझौता कर लेते तो संभव है कि मुख्यमंत्री अथवा केन्द्र में कोई वरिष्ठ मंत्री होते लेकिन कुर्सी का मोह उनके सिद्धांतों के सामने नतमस्तक हो गया। फिर भी क्षेत्र की जनता की भावना का सम्मान करते हुए आजीवन लोकसभा सदस्य रहे व कुछ समय के लिये अस्थायी रूप से लोकसभा अध्यक्ष भी रहे।
हिन्दी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने के लिये अपनी ही पार्टी के खिलाफ इस्तीफा देने तक के लिये अड़ गये थे। हिन्दी भाषा व हिन्दी साहित्य के उन्नयन में उनका जो योगदान है वह तो इतिहास के स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

Thursday, July 30, 2026

NEET TOPEER 2026 - TOP 4 RANK HOLDERS FROM VAISHYA MAHAJAN

NEET TOPEER 2026 - TOP  4 RANK HOLDERS FROM VAISHYA MAHAJAN 

व्यापार में अग्रणी, शिक्षा में भी सर्वोपरि हमारा वैश्य समाज


नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के परीक्षा परिणामों में हमारे वैश्य समाज के होनहार सितारों ने देश स्तर पर ऐतिहासिक सफलता हासिल कर समाज का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है।

💫यह पूरे बनिया समाज के लिए एक अत्यंत गौरवशाली और ऐतिहासिक क्षण है
हमारी ऐतिहासिक उपलब्धियां:

💫 AIR 1 — आर्यन गुप्ता 🥇
💫 AIR 1 — पाँशुल बंसल 🥇
💫 AIR 3 — उपलक्ष्य गोयल 🥇
💫 AIR 4 — आयुष भालोटिया 🥇

अभूतपूर्व रिकॉर्ड: देश के टॉप 5 रैंकर्स में से 4 मेधावी छात्र केवल हमारे बनिया समुदाय से हैं

यह परिणाम इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि हमारा समाज सिर्फ व्यापार और देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में ही आगे नहीं है, बल्कि जब बात ज्ञान, शिक्षा और कड़ी मेहनत की आती है, तो भी हम सबसे आगे खड़े होते हैं।

इस कठिन परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले सभी मेधावी बच्चों, उनके त्यागी माता-पिता और समस्त वैश्य परिवार को इस शानदार सफलता पर कोटि-कोटि बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं!

Sunday, July 26, 2026

GOLDI MASALA COMPANY

GOLDI MASALA COMPANY

1980 में कानपुर के सोम प्रकाश गोयनका और सुरेंद्र गुप्ता ने छोटे स्तर पर मसालों का कारोबार शुरू किया। शुरुआत में वे सिर्फ साबुत मसाले बेचते थे, लेकिन बाद में उन्हें पीसकर आकर्षक पैकिंग में बेचना शुरू किया। यही फैसला उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बना।


2002 तक कंपनी का टर्नओवर करीब ₹60 करोड़ पहुँच गया। इसके बाद लंदन से MBA करके लौटे आकाश गोयनका ने कंपनी में ERP सिस्टम लागू किया और बिजनेस को आधुनिक बनाया। बाद में सुदीप गोयनका और सुमित गुप्ता भी कंपनी से जुड़ गए, जिससे कारोबार तेजी से बढ़ा।

2018 तक कंपनी 18 राज्यों में फैल चुकी थी और टर्नओवर करीब ₹590 करोड़ हो गया। लेकिन ग्रोथ रुकने पर 2019 में कंपनी ने सलमान खान को ब्रांड एंबेसडर बनाया। इस एक फैसले ने ब्रांड की पहचान पूरे देश में बना दी और अगले ही साल कारोबार बढ़कर ₹1350 करोड़ पहुँच गया।

कोरोना के दौरान कंपनी ने नूडल्स, पास्ता, सॉस और पूजा सामग्री जैसे नए प्रोडक्ट भी लॉन्च किए। आज Goldiee Masale का सालाना कारोबार ₹2500–₹3000 करोड़ के बीच है और कंपनी पूरी तरह कर्ज-मुक्त है।

Sunday, July 12, 2026

ARYA VAISHYA GOTRAM

 

ARYA VAISHYA GOTRAM 

क्रमांकषिसुया गोत्रम
1ACCAYANASAअग्रमूल, अग्रमूल, अघ्यमूल, अर्घ्यमूल, अर्क्यमूल
2अगस्त्यसा 
3अत्रेयसाअरासाकुला, अरासाकुला, अराशिष्टकुला, यारासिष्ठ, अरिसेतला, एलीशेतला, इलासिस्ताकुला, एलिसेतला, येलिसेतला, येलिसेतला, यालुकुला, हरिशिष्ठा
4भारद्वाजसबालिसेतला, बालिसेतला, बालिशिष्ठा, बालशिष्ठा, बालिशिष्ठकुल
5भार्गवासपृथ्वीविसेत्ला, पृथ्वीविसेत्ला, पृथ्वीविशिष्ठा, पृथुविशिष्ठ
6भीमाश्रेष्ठकुल 
7बोधयानसाबुढ़ानकुला, बुढ़ानकुला, बुढ़ानकुला, बुद्धिकुला
8BRUHADASYASAपैरिशिष्ठ, पैरिशिष्ठ, पेरिशिष्ठकुल, पेरिशिष्ठ, पेरिसेटला
9चक्रपनिसाचक्रमूल, चक्रमूल, चक्रमूलकुल, चंदकुल, चंद्रमूल
10चामरशनसापेद्दीसेटला, पेद्दीसेटला, पेद्दाश्रेष्ठ, पेद्दीशिष्ठा, पथशिष्ठाकुल, बेथासेटला
11दालभ्यासापालकाकुला, पालकाकुला, पतनशिष्ठा
12दैवल्यसाउसिराकुला, उसिराकुला, धेशिशताकुला
13देवरातासाहरिताकुला, हरिताकुला, हीराकुला, हीराराजा
14धनदासलाभाला, लाभाला, लाभीसेटला, लाभालाकुला
15दूरवासनादंतकुला, दंतकुला, दंतकुला, दोंतकुला, दिनाकुला, थेथनकुला, थोडाकुला
16गार्क्यासापेडिकुला, पेडिकुला, पामिडीकुला, पागिडीकुला, प्राहिनिकुला, पाइडिकुला
17जेन्सिकाला 
18गोपाकासाइन्चुपाकुला, इन्चुपाकुला, गोपाकुला, गुंटाकुला, घोंटाकुला
19गौतमासागांठसीला, गांठसीला, गांठसीला, गांठसीला, गांठसीला, गांठसीला
20GRUTSNAMADASAएनुपाकुला, एनुपाकुला, एनुपाकुला, एनापाकुला, विनापाकुला, चेन्नाकुला, ज्यानुकुला, जानुकुला
21हरिवलक्यासाकपाटा, कपाटा, कुराटा, कोरटाकुला, गोरानटाकुलु, कबाडालाकुला
22जबलिसासुरीसेटला, सुरीसेटला, सुरीसेटला, सुरीशिष्टकुल, सुरशिष्टकुल
23जाब्रेयासासिनिसेटला, सिनिसेटला, सेनिसेटला, सानिसेटला, चिनिसेस्था
24जड़ाभरतसादूरशिष्ठ, दूरशिष्ठ, गुंडाकुला, दूरशिष्ठकुल
25जलत्करासाजनकुला, जनकुला, जनकुला, जानिकुला, जानुकुला
26जम्भासुदानसात्रिमूल, त्रिमूल, त्रिमूलकुल, नाभिलासा, मुनिकुला, मूलकुला, मुनकुला, नबीला
27जटुकर्णसाचंद्रकुल, चंद्रकुल, चंद्रकुल, चंद्रमूल, चंद्रशिष्ठ
28जीवनमतीसावृद्धकुल, वृद्धकुल, भृमशिष्ठ, भूतिष्ट, ब्रह्मकुल
29कंदर्पसासाराकुला, साराकुला, सेकोटलाकुला, सेगोल्ला, समानकुला, श्रेष्ठ कुंडला कुला, जेसेल्टला
30कनवयासाकोटाकुला, कोटाकुला, कोटुकुला, करुतकुला, कटकुला, कामताकुला, कर्नाटककुला, कर्णकुला
31कपिलासामांडुगुला, मांडुगुला, मांडुकुला, हस्थकुला, मांडुकुला
32कपितासावेंकलाकुला, वेंकलाकुला, वेंकोला, वेंकोलाकुला
33काश्यपसाGANAMUKU KULA, GANAMUKU KULA
34कोवंडिन्यासाघनश्रीला, घनश्रीला, गणश्रीला, घनसीला
35कोवसिकासाइलमंचिकुला, इलमंचिकुला, यालामंचिकुला, हेलामंचिकुला
36कोवत्सासाएक्वाकुल, एक्वाकुल, क्ष्वाकाकुल, कदम्बकुल
37कृष्णासाधनाकुला, धनाकुला, थानानकुला, तेनुकुला
38मारीचानासादीक्षामासेत्ला, दीक्षामासेत्ला, दीक्षामाशिष्ठ, दीक्षामाकूला, दीक्षमाश्रेष्ठ
39मानवसामन्यकुला, मन्यकुला, मन्युनाकुला, मनासाकुला, मानाचकुला, मानाभुकुला, मन्नियाकुला
40मंडपलसाविन्नसा, विन्नसा, विन्नसा, विन्नकुला, विन्नकुला, वेन्नकुला
41मार्कंडेयसामूरखुला, मूरखुला, मूरकुला, मोडुकुला, मोरुकुला, मूरकुला, मोर्काकुला
42मौदगल्यासाकामसिष्ठ, कामसिष्ठ, कामसिष्ठ, कामसिष्ठ
43मौमजयनासामुंजिकुला, मुंजिकुला, मौन्जिकुला, मुंजुकुला, मौन्जासकुला
44मौनालासाचांगाला, चांगाला, चांडालकुला, संदाकुला, चंदनकुला
45मुनिराजसापद्मसेटला, पद्मसेटला, पद्मशिला, पद्मश्रेष्ठ, पद्माशिष्ठ
46मायट्रेयासामिधुनाकुला, मिधुनाकुला, माधनकुला, मद्दीकुला, मदनकुला, मित्रिकुला, मूरकुला, मैत्रकुला
47नरदासपालकाकुला, पालकाकुला, पालकाकुला
48नेत्रापादासाचंदोगुकुला, चंदोगुकुला, चंदोगु, चंद्रशिला
49औचिद्यसायानासाकुला, यानासाकुला, यासानकुला, यानासाबिकुला
50पराशर्यासापपला, पपला, पम्बाला, पवल्ला, प्रभलाकुला, पपल्ला, पगडशिला, पदिगशिला, प्राणशिला, प्राणशिलाकुला
51पल्लवसागणपाकुला, गणपाकुला, घंटानाकुला, घंटारूला, घंटानुकुला, कंतस्थुलाकुला, कानाहाबालाकुला
52पापरेयासासंसिष्ठ, संसिष्ठ, संसिष्ठकुल, सिनीसेटला, सिनीसेटला, सिनीसेटला, सिनीसेटला
53परत्परायण्यासाTRUVISHISTHA, TRUVISHISTHA, TUVVISHISTHA, POULASTYAKULA, SRIPUMSHIKA
54पवित्रपनिसादेशेतला, देशेतला, देशिष्टकुल, देशेतलाकुल, दाशिष्ठ, थेसेटलाकुल, थेसिष्टकुल, थिसिष्टकुल
55पिंगलासाअयानकुला, अयानकुला, इनाकुला, अयनकुला
56POWLASTYASAपुनागशिला, पुनागशिला, गोसीला, सूर्यकुल, पुण्यगोशिला, श्रीगोशिला, पुनागोशिला, गोश्रीला, उत्तमगोशिला, श्रीलगोशिला, पुनासाकुल
57पौमद्रकासापोलिकुला, पोलिकुला, पोलीसेटी, प्रोशिकुला, प्रोतिकुला, प्रोलेखाकुला, पोलासिला, पमशिकुला
58प्रभातसाउदावाहाकुला, उदावाहाकुला, पेंडलिकुला, रविशिष्टकुला, पेल्लिकुला
59प्राचीनावनीसिष्टकुल, वनीसिष्टकुल, लेनासिष्टकुल, लेलिसिष्टकुल, वेनीसेटला
60पुंडरीकासाटोंटीकुला, टोंटीकुला, अनिशिष्ठ, क्रसुकुला, कनुकुला, श्रीगोसीला, पुनागोसीला, सूर्यकुला, उथमसीला, पुनागोरसीला, पट्टुगोसीला, पुनाकासीलाकुला, भीमगोसीला, सत्यगोसीला, चंडीगोसीला
61पुतिमाशासातुलसीकुला, तुलसीकुला, ट्यूनीसेटला, तुर्काटकुला, तुलसीकुला, तुलसीकुला, टोटाकुला, धोडिलूला, तुलसीकुला
62रुष्यश्रृंगसाअनंतकुल, अनंतकुल, अनंतशिला, अनंतशिला
63सारग्नारवासाकुंडकाकुला, कुंडकाकुला, कोंडाकाकुला, कोंडाकुला
64सम्वर्तकासारेंटाकुला, रेंटकुला, रेंटुकुला, रोंटाकुला
65सनकासासानाकुला, सानाकुला, सानाकला, सानाकुला, शानाकुला, चेगोंडा
66सनंदनासासमशिष्ठ, समशिष्ठ, सोमशिष्ठ, समशिष्ठकुल
67सनत्कुमारसामुद्दुकुला, मुद्दुकुला, मुथुकुला
68सत्यव्रतसाचिंताकुला, चिंताकुला, आदिनाकुला, स्यांडिकुला, चिंतामशिष्ठा, चिंताकुला
69शरभंगसाक्रमाशिष्ठा, क्रमाशिष्ठा, क्रमाशिष्ठाकुल, क्रमाश्रेष्ठकुल
70शुक्लाश्रीसाला, श्रीसाला, सिरिसाला, सिरासाला, सुसाला, सिरिपिला
71SOUCHEYASAयालामंचिकुला, यालामंचिकुला, इलामांचिकुला, इलामांचिकुला
72सौम्यासाहस्तिकुल, हस्तिकुल, हस्तिकुल
73सोवनाकासात्रुकशिष्ठ, तृकशिष्ठ, तृकशिष्ठकुल, ध्रुगासिष्ठकुल, थनाथकुला, चाणकलाकुला, चौनका
74SOWNDILYASAतुप्पला, तुप्पाला, तुप्पलाकुला, उप्पला
75सौर्गनारनासागुंटाकुला, गुंटाकुला, गुंडुकुला, गोंडाकाकुला, गुंडाकाकुला, सूसालाकुला
76सोववर्नासाबुधराकुला, बुधराकुला, बुधराकला, बुधराकुला
77श्रीधरसासिरीसेटला, सिरीसेटला, सिरीशिष्ठा, शिनीसेटला, सिनीसेटला, सिरीसेष्टकुला, श्रीसीतला
78श्रीवत्ससाश्रीरंगकुला, श्रीरंगकुला, चिलाकुला, स्ट्रिलाकुला, श्रीलाकुला
79सुब्रमण्यसचंदनकुला, चंदनकुला, स्निग्धाकुला
80सुकंचनासापोत्साकुला, पोत्साकुला, पुच्चाकुला, पोत्साकुला, पुच्चाकशिला, पुत्सकुला, पौश्यकुला, पुनीतकुला
81सुंदरसाएनाकला, एनाकला, वेनाकला, एनाकुला, एनुकुला, विनुकुला
82सुतीक्षन्यासादन्तिकुला, दन्तिकुला, दन्तकुल, दोन्तकुल, देवीसेटला, धेवीसेटला, धोनथाकुला
83ताइत्रेयसाचिडरुपेला, चिडरुपेला, चतुरपेला, चिडुरुपेला, चिडरुपकुल
84तारानिसात्रिविक्रम, त्रिविक्रम, त्रिविक्रमशिष्ठ, त्रिविक्रमकुल
85थाईथ्रेयासाSITHURUBELLU, SITHURUBELLU, SITHRUBELLU, SITHRUBA, SITHRUBAKULA, SATHURBILLA
86थौम्यासाचंदा, चंदा, चंदाकुला, चंदाकुला, चंदाकुला, चंदाकुला
87टिट्टिरासाभ्रमरकुल, भ्रमरकुल, भ्रमरकुल, ब्रह्मकुल
88त्रिजातासाउपराकुला, उपराकुला, उसिराकुला
89UGRASENASAकुमिरिसिष्ट, कुमिरिसिष्ट
90उत्कृष्टासाकन्याकुला, कन्याकुला, कनुकुला, क्रानुकुला, क्रानु, कुमारशिष्ठ, कोमारशिष्टकुल
91उत्तमोजासाउत्कल, उत्कल, उत्कुल, उत्तमकुल, उत्तमकुल, उत्शिष्ठ, उत्तमोतिषा
92वैरोहित्यासावसंतकुल, वसंतकुल, वसंतकुल
93वाल्मीकासासुशाला, सुशाला, सुशालाकुला, शांतिकुला, शांतकुला, सुरसाला, संताला
94वामादेवसाउपालाकुला, उपालाकुला, उपमाकुला, उपानाकुला, उपामन्यकुला
95वरातमतासामसान्ताकुल, मशान्ताकुल, मशान्ताकुल, पुष्पलाकुल, पिप्पला
96वरुणासाएलीशिष्टकुल, एलीशिष्टकुल, वरुणशिला, वेलशिष्ट, सिरिशिष्ट, एलिसेटला
97वशिष्ठासावस्त्रकुल, वस्त्रकुल, वस्तिककुल, वस्थिकुला, वस्त्रिकुला, भीमसिष्ठ, भीमसिष्ठकुल, भीमश्रेष्टकुल, मृंगमकुल, वृहसिष्टकुल, व्रकलमूल, व्रंगमकुल, व्रंगमुलकुल
98वासुदेवासाभीमशिला, भीमशिला, भीमशिला, भीमशिष्ठाकुल
99वतुकासाअनुमर्षणकुल, अनुमर्षणकुल
100वायुव्यावक्काकुला, वक्काकुला, व्रकाशिष्ठ, व्रक्कल, व्रक्ककुला, व्रंगमाला, वंगमकुला
101विष्णुवर्धनापिप्पलाकुल, पिप्पलाकुल, पुप्पलाकुल, पुष्पला, पुष्पलाकुल
102विश्वक्सेनासाउबारिसिष्ठ, उबारिसिष्ठ, विबारिसिष्ट, विबारिसेत्तला, विचुवकुला, विचुवकुला
103विश्वमित्रासाथनाकु, थनाकु, थनाथकुला
104व्यासधनाकुंडा, धनाकुंडा, धनागुंडा, धनाढाकुला
105यज्ञ वाल्क्यासाअभिमंचिकुला, अभिमंचिकुला, अभिमांची, युग सेटला, युग सेटला, युग सेटला
106यास्कासाव्यालाकूलसा, व्यालाकूलसा, वेलगोला, वेलीगोला