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Wednesday, April 4, 2018

उत्तरप्रदेश में वैश्य समाज अत्याचार का शिकार

‘महाराज जी ने कहा-अवारा कहीं का, जिंदगी में तुम्हारी कार्रवाई नहीं होगी’: योगी के पास फरियाद लेकर गया बिजनेसमैन रोते हुए बोला

‘महाराज जी ने कहा-अवारा कहीं का, जिंदगी में तुम्हारी कार्रवाई नहीं होगी’: योगी के पास फरियाद लेकर गया बिजनेसमैन रोते हुए बोलामीडिया को अपना रोते-रोते अपना बयान देते हुए आयुष सिंघल ने कहा कि जब से यह सरकार बनी है वह दौड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी सीएम से दो बार मिल चुके हैं। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है।


बिजनेसमैन आयुष सिंघल का आरोप है कि उन्हें धक्का मारकर बाहर कर दिया गया।

लखनऊ के एक बिजनेसमैन ने कहा है कि जब वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास एक फरियाद लेकर गोरखपुर गया तो सीएम ने डांटकर उसे भगा दिया और उसका आवेदन पत्र फेंक दिया। लखनऊ के अलीगंज के रहने वाले आयुष सिंघल युवा बिजनेसमैन हैं। आयुष सिंघल का आरोप है कि उसकी जमीन पर यूपी के पूर्व बाहुबली नेता अमरमणि त्रिपाठी और उनके बेटे और नौतनवां के निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी ने कब्जा कर लिया है। आयुष ने कहा कि जब वह इस बात की शिकायत लेकर सीएम के पास पहुंचे तो सीएम ने उन्हें धक्का मारकर भगा दिया। आयुष सिंघल ने रोते हुए कहा कि मेरी क्या गलती है, हम तो व्यापारी आदमी हैं।

आयुष ने कहा, “सीएम साहब को मिला मैने, कागज दिया, ब्रीफ करना शुरू किया कि अमनमणि त्रिपाठी ने हमारी जमीन कब्जा कर रखी है…कागज नचा के फेंक दिया, कहा-अवारा कहीं का, जिंदगी में तुम्हारी कार्रवाई नहीं होगी।” जब पत्रकारों ने पूछा कि ऐसा किसने कहा तो, आयुष सिंघल ने कहा कि महाराज जी ने। मीडिया को अपना रोते-रोते अपना बयान देते हुए आयुष सिंघल ने कहा कि जब से यह सरकार बनी है वह दौड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी सीएम से दो बार मिल चुके हैं। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है।

आयुष सिंघल ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इस बार कुछ एक्शन लिया जाएगा लेकिन उन्हें धक्का मारकर भगा दिया गया, कागज नचा कर फेंक दिया। आयुष सिंघल के मुताबिक अमरमणि त्रिपाठी के लोग उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं। वहीं इस मामले में लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि करीब 6-7 महीने पहले आयुष सिंघल उनसे मिलने आए थे। उन्होंने कहा कि जमीन का मामला होने की वजह से उन्होंने इस मुद्दे पर कलेक्टर साहब से बात की थी, इसके बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर गई और जमीन का सीमांकन किया।

एसएसपी के मुताबिक विवादित जमीन का कुछ हिस्सा सिंचाई विभाग का है। एसएसपी ने कहा कि आयुष सिंघल चाहते हैं कि पुलिस विवादित जमीन पर पहुंचे और जिस जमीन को वह अपना कहते हैं उस पर घेराबंदी करवा दे, लेकिन नैसर्गिक न्याय कहता है कि इस जमीन के जो भी 12 खातेदार हैं उनकी चौहद्दी एसडीएम कोर्ट में ही तय होगी। बता दें कि नौतनवां से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप है।
आयुष सिंघल का आवेदन

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