वैश्य शासक

मित्रों हमारा  वैश्य समाज एक शासक वर्ग हैं, हमारे समाज से सम्बंधित राजाओं, महाराजाओं की सूची नीचे दी गयी हैं.



  1. महाराजा अग्रसेन जी -१
  2. महाराजा अग्रसेन जी - २
  3. चंद्रगुप्त मौर्य 
  4. बिन्दुसार 
  5. सम्राट अशोक 
  6. गुप्त राजवंश
  7. महाराजा श्री गुप्त 
  8. चन्द्रगुप्त प्रथम
  9. समुद्रगुप्त 
  10. चंद्रगुप्त विक्रमादित्य (द्वितीय ) 
  11. स्कंदगुप्त 
  12. कुमारगुप्त प्रथम 
  13. कुमारगुप्त द्वितीय
  14. पुरु गुप्त 
  15. नरसिंह गुप्त
  16. पुष्य गुप्त 
  17. सम्राट यशोवर्धन 
  18. प्रभाकर वर्धन
  19. सम्राट राज्यवर्धन
  20. सम्राट हर्षवर्धन
  21. हेमू विक्रमादित्य 
  22. भामाशाह 
  23. नन्द राय जी (भगवान सी कृष्ण के पिता ) 
  24. वृषभानु जी ( राधा जी के पिता ) 
  25. राजकुमार उदयन 
  26. सम्राट भृतहरी
इनके अलावा कुछ वैश्य जातिया क्षत्रिय सम्राटों की वंशज है वो इस प्रकार हैं.
  1. सहस्रबाहु कार्तवीर्य अर्जुन (वंशज - कलवार वैश्य)
  2. अक्रूर जी (वंशज - वार्ष्णेय)
  3. महाराजा अग्रसेन (वंशज - अग्रवाल, राजवंशी, अग्रहरी)
  4. राजा खंडेल सेन (वंशज - खंडेलवाल, माहेश्वरी, विजयवर्गी)
  5. राजा अहिर्बर्ण (बरनवाल)

9 comments:

  1. Ye saari knowledge aapne kahan se payi??

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  2. आपके द्वारा प्रस्तुत जानकारी पूरे वैश्य समाज के लिए रोचक है। जहाँ चन्द्रा साहब देश मे वैश्य बैंक बनाने जा रहे है वहाँ हर विकसित वैश्य जाती के गण मान्य व्यक्ति विशेस से अनुरोध है श्री मान प्रवीण गुप्ता सहकार करे जो वैश्य समाज की निम्न स्तर की जातियो का भी विवरण पटल पर रख जानकारी दे रहे है । मेँ दिनेश गुप्ता शिवहरे वैश्य अहमदाबाद से इस पटल पर सहयोग करने वाले हर वैश्य का अभिवादन करता हूँ। हम 25 करोड़ हे इसकी जानकारी विश्व को तब होगी जब हम निरंतर अपनी उपस्थिती श्री मान प्रवीण गुप्ता जेसे कर्मठ समाज प्रेमी का साथ देंगे। धन्यवाद प्रवीण भाई

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  3. 6.राजा मोदनसेन जी महाराज(मोदनवाल समाज/हलवाई)

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  4. यह एक मतभेद का विषय है कि कलवार जैसवाल आदि जो अपने को भगवान श्री राज राजेस्वर सहस्त्रबाहु से जोअदते है वह सत्य नहीं क्योकि सहस्त्रबाहु एक क्षत्रिय राजा थे जिन्हें हैहयवंश का सिर्मौर्य माना जाता है

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    1. वैश्यों की अधिकतर जातिया पहले क्षत्रिय ही थी.....

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    2. DR SIR AAPKA KAHNA BILKUL GALAT HAI JAISWAL YANI KI KALWAR YE PURNA ROOP SE HAIHAIVANSHI KSHATRIYA HAI AUR JO IS VAKTA TAMERA KASHYAKAR APNE AAP KO HAIHAIVANSHI KSHATRIYA BATANE LAGE HAI VO KSHATRIYA NAHI HAI AUR KALWAR TO BAAD ME VAISHYA BANA HAI YE MUGLO SE PAHLE KALCHURI SHASHAK THE KALCHURIVANSH HAIHAIVANSH KI SHAKHA HAI. HAIHAIVANSHIYO KO BAAD ME KAAL KE KAAL KI UPADHI MILNE LAGI THI JO UPBHRANSH BANKAR KALAL HUI KALAL SE KALAR HUI AUR BAAD ME KALWAR HO GAYI.DR HAJARI PRASHAD DWIVEDI JI NE APNE PUSHATAK ASHOK KE PHOOL ME KALWAR KO HAIHAI KSHATRIYA BATAYA HAI. DR KASHI PRASHAD JAISWAL JO KI EK MAHAN ITIHASKAR THE UNHO NE BHI KALWARO KO HAIHAIVANSHI KSHATRIYA BATAYA HAI. ISLIYE DR VISHNU SIR ISME KOI MATBHED NAHI HAI KI KALWAR HAIHAIVANSHI KSHATRIYA HAI. AGAR AAP UNKO HAIHAIVANSHI KSHATRIYA NAHI MANTE HAI TO UNKA ASLI VANSH BATAIYE AUR VO KIS RAJA KE VANSHAJ HAI AUR VANSHAWALI YE TEENO BATAIYE. PLEASE ATI MAHAN KRIPA HOGI

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