Sunday, August 25, 2019

उदयपुर की 'जलपरी' गौरवी सिंघवी ने 'इंग्लिश चैनल' पार करके रचा नया कीर्तिमान

उदयपुर की 'जलपरी' गौरवी सिंघवी ने 'इंग्लिश चैनल' पार करके रचा नया कीर्तिमान


उदयपुर/लंदन। लेक सिटी उदयपुर की 'जलपरी' गौरवी सिंघवी ने शुक्रवार को 'इंग्लिश चैनल' पार करके नया कीर्तिमान रच डाला है। 16 साल की गौरवी इस वर्ष इंग्लिश चैनल पार करने वाली दुनिया की सबसे युवा तैराक बन गई हैं। उन्होंने 38 समुद्री मील की दूरी 13 घंटे 26 मिनट में पूरी की और देश का नाम रोशन किया।

भारत में जब सुबह हो रही थी, तब लंदन में रात को 2.30 से 3 बजे का वक्त था और तब भारत की इस प्रतिभाशाली तैराक का खुली आंखों से देखा हुआ सपना पूरा हो चुका था। इंग्लिश चैनल के अपने अभियान में गौरवी ने समुद्र की तेज लहरों का बहादुरी से सामना किया और अपने लक्ष्य को हासिल किया। गौरवी 2019 में दुनिया की सबसे कठिन 'इंग्लिश चैनल' को पार करने वाली विश्व की सबसे युवा तैराक बन गई हैं।

गौरवी की दादी श्रीमती उषा सिंघवी ने 'वेबदुनिया' को बताया कि गौरवी ने बचपन से इंग्लिश चैनल पार करने का सपना संजोया था। 14 साल की उम्र में जब उसने मुंबई में खार डांडा से गेटवे ऑफ इंडिया तक की 47 किलीमोटर की दूरी लगातार 9 घंटे 23 मिनट में पूरी करने कीर्तिमान बनाया तो तभी वह चाहती थी कि इंग्लिश चैनल को पार करने जाए लेकिन तब उम्र आड़े आ गई, क्योंकि इसके लिए कम से कम प्रतियोगी को 16 वर्ष का होना चाहिए।


उषाजी ने बताया कि गौरवी इसके लिए 5 से 6 घंटे तक तैराकी का अभ्यास करती रहती थी। इस वक्त गौरवी अपने पिता अभिषेक और मां शुभ सिंघवी के साथ लंदन में ही हैं और सभी 5 सितंबर तक उदयपुर लौटेंगे। 

उन्होंने यह भी बताया कि गौरवी में इंग्लिश चैनल का जुनून इस कदर हावी था कि उसने पहले ही दिन से ही कहा था कि मैं यह कर सकती हूं। वह तो 38 मील की दूरी तय करने के बाद वापसी भी करना चाहती थी लेकिन इसके लिए उसे इजाजत नहीं मिली।

गौरवी ने आज जो कामयाबी हासिल की है, उसका पूरा श्रेय उसकी मम्मी को जाता है जिन्होंने उसे प्रोत्साहित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी बेटी के लिए बहुत मेहनत की है। इस कामयाबी में कोच महेश पालीवाल भी बराबर के हिस्सेदार हैं।

अदम्य इच्छाशक्ति से पाया लक्ष्य : महज 16 साल की उम्र में गौरवी ने इंग्लिश चैनल पार करने का जो लक्ष्य हासिल किया है, वह उसकी अदम्य इच्छाशक्ति और खेल के प्रति समर्पण भावना का ही परिणाम है। लगातार 5 से 6 घंटे तक स्वीमिंग करना आसान नहीं होता। वह भी एक लड़की के लिए, लेकिन गौरवी ने जो मिसाल कायम की है, वह दूसरों के लिए प्रेरणादायक साबित होगी।

लंदन और डोवर में प्रेक्टिस : गौरवी 11 जुलाई से लंदन में ही रहीं और कड़ा अभ्यास किया। लंदन में गौरवी ने गिनीज रिकॉर्ड होल्डर केविन ब्लिक, 15 बार इंग्लिश चैनल पार कर चुके निक एडम और 2 बार इंग्लिश चैनल पार कर चुके डिएडरा के साथ प्रेक्टिस की। वह 17 डिग्री तापमान वाले पानी में इंग्लिश चैनल को पार करके राजस्थान की दूसरी तैराक बन गई। उससे पहले 2003 में उदयपुर की ही भक्ति शर्मा ने यह कामयाबी हासिल की थी।

पढ़ाई में भी गौरवी अव्वल : गौरवी की दादी श्रीमती उषा के मुताबिक उनकी पोती न सिर्फ खेल, बल्कि पढ़ाई में भी अव्वल है। सीबीएसई की 10वीं बोर्ड की परीक्षा गौरवी ने 93 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की। वह पहले डीपीएस स्कूल में पढ़ती थी लेकिन 11वीं कक्षा के लिए उसने जयपुर के जयश्री पेरीवाल स्कूल में दाखिला लिया है।

राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जीते कई पदक :

गौरवी ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैराकी की फ्रीस्टाइल और लांग डिस्टेंस रेस में राजस्थान को कई पदक दिलाए हैं।

वह टैडेक्स की स्पीकर भी रही है।

गौरवी सिंघवी के शौक : गौरवी को ट्रेवल करना और पिज्जा के साथ ही देशी खाने का शौक है। उनका 10 साल का छोटा भाई भी है, जो एयरो मॉडलिंग में माहिर है। उसने हाल ही में एबी वैली में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था और देश का दूसरा सबसे युवा फ्लाइटर बनने का सम्मान पाया। गौरवी के पिता अभिषेक सिंघवी का राजस्थान में माइनिंग का व्यवसाय है। वे बेराइट्‍स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर हैं।

साभार: hindi.webdunia.com/sports-news/gauravi-singhvi-119082300094_1.html

VAISHYA STUDENTS TOPPERS, CA INTERMEDIATE EXAM

ICAI CA exams 2019: Akshat Goyal from Jaipur topped the Institute of Chartered Accountancy of India (ICAI) Chartered Accountancy (CA) intermediate examinations (new course), the results of which was declared on Friday, August 23, 2019. Mumbai boy Anil Shah secured the second position followed by Panipat girl Anjali Goyal.

CA TOPPER AKSHAT GOYAL



इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा 2019 के परिणाम की घोषणा कर दी है। इस परीक्षा में 18 साल के अक्षत गोयल टॉपर बने हैं। उन्हें पहली रैंक हासिल हुई है। लेकिन अक्षत ने जिस तरह से इस परीक्षा के लिए तैयारी की, वह सामान्य से अलग और अनोखा है।

अक्सर टॉपर्स अपनी बेहतर तैयारी का श्रेय कड़ी मेहनत के अलावा सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखने को देते हैं। लेकिन अक्षत गोयल की रणनीति इससे बिल्कुल अलग रही। कहां के रहने वाले हैं अक्षत? कहां से की है पढ़ाई? क्या रहा उनकी तैयारी का तरीका? ये सब हम आपको आगे की स्लाइड्स में बता रहे हैं।

अक्षत जयपुर (राजस्थान) के रहने वाले हैं। वहीं रहकर उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की है। इंडिया इंटरनेशल स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के बाद सीए की तैयारी में जुट गए।

अक्षत गोयल कहते हैं कि अगर आपको अच्छे परिणाम चाहिए तो आपका सकारात्मक रहना जरूरी है। उन्हें स्पोर्ट्स में क्रिकेट पसंद है। वह फोटोग्राफी का भी शौक रखते हैं। आगे जानें स्टैंड-अप कॉमेडी और सोशल मीडिया को अक्षत ने कैसे बनाया तैयारी का जरिया?

दरअसल, अक्षत कॉमेडियन जाकिर खान के बड़े फैन हैं। वह कहते हैं, 'सीए के लिए मैं रोजाना 14 से 16 घंटे तैयारी करता था। पढ़ाई करते-करते जब मैं थक जाता था, तो अपने दिमाग को रिलैक्स करने के लिए स्टैंड-अप कॉमेडी देखता था। खास कर जाकिर खान के शो। मेरा ज्यादातर खाली समय स्टैंड-अप कॉमेडी देखने में ही बीतता था।'

इतना ही नहीं, अक्षत न पारंपरिक तरीकों से हटकर सोशल मीडिया को अपनी तैयारी की रणनीति में जोड़ा। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर ग्रुप्स का इस्तेमाल किया। वह कहते हैं, 'मैं फेसबुक, इंस्टाग्राम से लेकर अन्य कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय ऐसे कई ग्रुप्स का सक्रिय सदस्य बना। इन ग्रुप्स में सीए और इसकी तैयारी को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती थीं। इससे मुझे अलग-अलग तरह की खबरों और दुनिया भर में होने वाली घटनाओं की पूरी जानकारी मिलती रहती थी।'

इसके अलावा अक्षत ने कई मॉक टेस्ट दिए। वह बताते हैं कि 'एक साल तक बिना एक भी दिन गंवाए मैं रोज पढ़ाई करता रहा। आईसीएआई द्वारा दिए गए स्टडी मैटेरियल्स को फॉलो किया। परीक्षा से एक सप्ताह पहले से मॉक टेस्ट्स की पूरी सीरीज की प्रैक्टिस की।'

अक्षत ने सीबीएसई बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास की थी। कॉमर्स संकाय से पढ़ते हुए उन्होंने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। उन्हें 98.8 फीसदी अंक मिले थे। मैथ्स उनका पसंदीदा विषय है। जब भी मौका मिलता है अक्षत मैथ्स के सवाल हल करते हैं। उनके पिता भी एक सीए हैं।

लेख साभार: अमरउजाला 

Friday, August 16, 2019

गुप्त वंश के अग्रवाल वैश्य होने के प्रमाण


साभार: वैश्य भारती , मुदित मित्तल 

CA रिजल्ट में वैश्य समाज का फिट जलवा

Here's a list of CA Final toppers 2019

CA final toppers 2019 (old syllabus)

Ajay Agarwal from Kotputli (Rajasthan) has topped the CA finals (old syllabus) 2019, followed by Radhalakshmi V P from Hyderabad. The third place in Old Syllabus Exam was secured by Umang Gupta from Thane, Maharashtra. Ajay secured 650 marks (81.25 percent) in CA Final (old syllabus).

CA final toppers 2019 (new syllabus)

Nayan Goyal from Bhopal emerged as the topper with 607 marks (75.88 percent), followed by Kavya S from Bengaluru and Arpit Chittora from Jaipur.

CA Foundation toppers 2019

Rajat Sachin Rathi from Pune secured the top honors with 85.70% marks. The second rank in CA Foundation was secured by Kalivarapu Sai Srikar from Srikakulam in Andhra Pradesh. The 3rd Rank was jointly secured by Priyanshi Saboo from Bhopal and Minal Agarwal from Surat.

SQN-LDR MINTI AGRWAL- युद्ध सेवा मेडल

Yudh Seva Medal award: युद्ध सेवा मेडल पाकर स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने कहा, 'मौका मिला तो फिर उन्हें मार गिराएंगे' - squadron leader minty agarwal says if chance given we will shoot them again

युद्ध सेवा मेडल पाकर स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने कहा, 'मौका मिला तो फिर उन्हें मार गिराएंगे'
विंग कमांडर अभिनंदन की मददगार स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल को उनकी वीरता के लिए युद्ध सेवा मेडल दिया जा रहा है। महिला स्क्वॉड्रन लीडर ने कहा कि एयर स्ट्राइक वह मौका था जिसका सबको इंतजार था। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मौका मिले तो वह भी ऐसे अभियान में हिस्सा लेना चाहेंगी।

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स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल

स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने कहा, 'एयर स्ट्राइक का मौका फिर मिले तो हम फिर उन्हें मार गिराएंगे' 
विंग कमांडर अभिनंदन की मददगार स्क्वॉड्रन लीडर को भी वीरता के लिए युद्ध सेवा मेडल मिल रहा है 
स्क्वॉड्रन लीडर अग्रवाल ने कहा कि विंग कमांडर की सुरक्षित वतन वापसी की खुशी पूरे देश को थी 

बालाकोट एयर स्ट्राइक के अगले दिन ही बौखलाए पाकिस्तान ने भारतीय वायु सेना के विमानों पर हमला किया था। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद स्कवॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने अद्भुत सूझबूझ का परिचय दिया। अग्रवाल की इस बहादुरी के लिए उन्हें युद्ध सेवा मेडल भी दिया जा रहा है। स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी कहती हैं कि अगर फिर 27 फरवरी जैसा मौका मिले तो मैं भी उसमें हिस्सा लेना चाहूंगी। हम उन्हें फिर से दोगुनी ताकत से मार गिराएंगे।

27 फरवरी को भारतीय वायु सेना ने एयर स्ट्राइक किया था और अगले ही दिन पाकिस्तान के 20 एयरफोर्स फाइटर्स ने धावा बोल दिया। स्क्वॉड्रन लीडर मिटीं अग्रवाल आकाश में हो रही इस डॉगफाइट की साक्षी थीं और उन्होंने भी कंट्रोल रूम से इसमें साहसिक भागीदारी निभाई। इसी भिड़ंत में विंग कमांडर अभिनंदन ने पाक F-16 को मार गिराया था। 

स्क्वॉड्रन लीडर की ड्यूटी कंट्रोल रूम में थी

स्कवॉड्रन लीडर मिंटी कहती हैं, 'मेरे पास उस दिन के अनुभव को बताने के लिए शब्द नहीं हैं।' 31 साल की अग्रवाल ने बताया कि कंट्रोल रूम में जब पीएएफ की ओर से रेड शुरू हुई तो अचानक ही मेरी पूरी स्क्रीन पर लाइट्स नजर आने लगीं। उन्होंने कहा, 'स्क्रीन पर काफी सारे रेड लाइट्स थे जिसका मतलब है दुश्मन का एयरक्राफ्ट था।' 

फाइट कंट्रोलर की भूमिका में थीं मिंटी

उस दिन की घटना के बारे में कहते हैं, 'फाइट कंट्रोलर के तौर पर यह मेरी ड्यूटी थी कि मैं अपने एयरक्राफ्ट को गाइड करूं... इसके साथ ही मुझे पायलट्स को यह जानकारी भी देनी थी कि वह किन हथियारों का प्रयोग कर सकते हैं। उन्हें कब और कहां से मिसाइल लॉन्च करना चाहिए। ठीक उसी वक्त मेरा पूरा ध्यान इस पर था कि भारतीय एयरक्राफ्ट पूरी तरह से सुरक्षित रहने चाहिए।'

विंग कमांडर अभिनंदन के मिग को कंट्रोल कर रही थीं अग्रवाल 

स्क्वॉड्रन लीडर ने बताया, 'मैं विंग कमांडर अभिनंदर को भी निर्देश दे रही थी। मैंने उन्हें हवा में क्या स्थिति है पूरी तरह से समझाया। इसी दौरान पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट की स्थिति के बारे में उन्हें बताया और उन्होंने अपने टार्गेट पर अचूक निशाना साधा। मैंने अपनी आंखों के सामने ही स्क्रीन पर F-16 को हवा में गिरते हुए देखा था। मुझसे पूछा गया कि क्या स्क्रीन पर से रेड लाइट गायब हो गया और मैंने कहा- हां, लेकिन हमारे पास सेलिब्रेशन का कोई मौका नहीं था।'

इसी हवाई भिड़ंत के दौरान विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में चले गए। स्क्वॉड्रन लीडर ने कहा, 'इस ऑपरेशन में भारतीय सेना का और कोई नुसकान नहीं हुआ। जब हमें पता चला कि विंग कमांडर अभिनंदन सुरक्षित हैं और उनकी वतन वापसी हो रही है तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था। यह सिर्फ मेरे लिए राहत और खुशी का मौका नहीं था पूरे देश के लिए बहुत खुशी का मौका था।' 

बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसा मौका मिले मुझे' 

27 फरवरी को भारतीय सेना ने एयर स्ट्राइक किया था और स्वक्वॉड्रन लीडर कहती हैं कि मुझे पता है कि यह कोई पहली बार नहीं था। उन्होंने कहा, 'एयर स्ट्राइक वह मौका था जिसके लिए हम सब इंतजार कर रहे थे। मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं... अगर मुझे मौका मिले... हम एक बार उन लोगों को फिर मार गिराएंगे और हम उन्हें फिर से शूट करेंगे।' 

साभार:   नवभारत टाइम्स