SETH GHANSHYAMDAS BIRLA
जी.डी. बिड़ला: वो मारवाड़ी जिसने अंग्रेजों को व्यापार में हराया!! जब अंग्रेज भारतीय व्यापारियों को दबा रहे थे, तब जी.डी. बिड़ला ने अपनी जूट मिल (Jute Mill) लगाकर उन्हें चुनौती दी। उन्होंने दिखाया कि भारतीय भी बिजनेस कर सकते हैं।
बिड़ला जी की वो बातें जो उन्हें सिर्फ व्यापारी नहीं, 'राष्ट्र-निर्माता' बनाती हैं:
गांधीजी के 'साये' (Gandhi's Shadow):
वे गांधीजी के सबसे बड़े समर्थक और फाइनेंसर थे।
आजादी की लड़ाई में जब भी पैसों की जरूरत पड़ी, बिड़ला जी का खजाना हमेशा खुला रहा। वे कहते थे— "मैं पैसे कमाता हूँ ताकि देश के काम आ सकूँ।"
बिड़ला हाउस और बापू का अंतिम समय:
यह इतिहास का सबसे दुखद सच है कि महात्मा गांधी की हत्या दिल्ली के 'बिड़ला हाउस' (अब गांधी स्मृति) में ही हुई थी।
बापू अपने जीवन के आखिरी 144 दिन वहीं रहे थे। बिड़ला जी के घर के बगीचे में ही बापू ने "हे राम" कहा था।
एम्बेसडर कार (Hindustan Motors):
उन्होंने ही हिंदुस्तान मोटर्स की शुरुआत की, जिसने हमें 'एम्बेसडर' (Ambassador) कार दी।
दशकों तक यह कार भारत की सड़कों और नेताओं की पहचान (Status Symbol) रही।
मंदिर और शिक्षा:
उन्होंने और उनके परिवार ने पूरे भारत में भव्य 'बिरला मंदिर' बनवाए (जो जाति-धर्म से ऊपर सभी के लिए खुले थे)।
साथ ही, उन्होंने राजस्थान के रेगिस्तान में बिट्स पिलानी (BITS Pilani) बनाया, जो आज भी भारत के बेस्ट इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है।
वे व्यापार और धर्म के 'संगम' थे।
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