IPS SUSHEEL AGRAWAL
IPS सुशील अग्रवाल कौन? गुजरात में क्यों हो रही चर्चा, सुलझाया था 240 सोने के सिक्कों की चोरी का मुश्किल केस
IPS Sushil Agrawal: दिल्ली आईआईटी से बीटेक की पढ़ाई और फिर यूपीएसपी परीक्षा पास करके पुलिस सेवा में आए सुशील अग्रवाल इन दिनों गुजरात में खूब सुर्खियों में हैं। वह अभी गुजरात के वडोदरा ग्रामीण के एसपी है, लेकिन उनके द्वारा नवसारी में सुलझाया के 240 सोने के सिक्कों का केस क्राइम इंवेस्टीगेशन के लिए उदाहरण बन गया है।
2017 बैच के आईपीएस अधिकारी सुशील अग्रवाल अभी एसपी वडोदरा ग्रामीण हैं।अहमदाबाद: गुजरात में 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी सुशील अग्रवाल एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इसकी वजह है उनकी जबरदस्त कार्यशैली। राउंड द क्लाॅक बेहद एक्टिव रहने वाले सुशील अग्रवाल ने वर्तमान में वडोदरा ग्रामीण एसपी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, हाल ही में उन्होंने वडोदरा में 16 साल के अंतराल के बाद हुए भारत-न्यूजीलैंड के एकदिवसीय मैच को बेहद अच्छे तरीक से संपन्न कराया था। अभी वडोदरा में वूमेन प्रीमियर लीग (WPL) के मैचों का आयोज काेटंबी स्टेडियम में उनकी की सुरक्षा व्यवस्था में हाे रहा है। सुशील अग्रवाल के पास वडोदरा ग्रामीण एसपी के तौर पर एक बड़ा इलाका है। जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है।
जांच में झोंकते हैं पूरी ताकत
सुशील अग्रवाल ऐसे आईपीएस अधिकारी हैं जो अपराध की जांच में अपनी पूरी ताकत लगाते हैं। उन्होंने साल 2023 में नवसारी एसपी रहते हुए ब्रिटिशकालीन 240 सोने के सिक्कों की चोरी के अनूठे केस को सुलझाया था। उनकी जांच के बाद मध्य प्रदेश में कई पुलिसकर्मी जेल से बाहर आए थे। दरअसल, नवसारी में रहने वाली एक महिला ने विदेश में रहते हुए अपने घर का काम एक ठेकेदार को सौंपा था। ठेकेदार ने इस काम के लिए मध्य प्रदेश के कुछ आदिवासी लोगों को ठेका दिया था। काम के दौरान दीवार से एक दो नहीं बल्कि सोने के चमकते हुए सोने के 240 सिक्के निकले थे। इस मामले को सुझलाने के लिए उनके मार्गदर्शन में नवसारी क्राइम ब्रांच ने कई बार मध्य प्रदेश का दौरा किया। जब इतने से काम नहीं बना तो पुलिस ने वहां कैंप किया।
SP बनने का फिर से खुला केस
इस घटना के वक्त पर सुशील अग्रवाल अहमदाबाद में तैनात थे, लेकिन इस मामले में जब आगे कई मोड़ आए तब तक वह नवसारी आ चुके थे। मध्य प्रदेश के मजदूर सिक्के लेकर अपने घर चले गए थे, वहां उन्होंने स्थानीय पुलिस पर सोने के सिक्के लूटने का केस दर्ज करा दिया था। पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। उन्हें जेल जाना पड़ा था। इस मुश्किल केस में कई महीने की जांच के बाद सुशील अग्रवाल ने न सिर्फ सुलझाया था बल्कि सोने के सिक्के भी बरामद कर लिए थे। जिन्हें बाद में कोर्ट के हवाले कर दिया गया था।
वडोदरा में ताबड़तोड़ सुलझाए केस
नवसारी के बाद सुशील अग्रवाल को पिछले साल अगस्त में गुजरात सरकार ने वडोदरा एसपी की जिम्मेदारी सौंपी थी। पांच महीने के छोटे से कार्यकाल में वह अभी तक कई बड़े मामलों को सुलझा चुके हैं। इनमें जैन मंदिर लूट, पादरा में बेटी द्वारा प्रेमी के साथ मिलकर पिता की हत्या, हाल ही में उन्होंने विजिलेंस की मदद से 32 मामलों में आरोपी एक बड़े शराब माफिया लाला जायसवाल पर भी एक्शन लिया था। अग्रवाल ने gujctoc act के तहत कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में कुल 102 करोड़ रुपये की संपति जब्त की गई थी।
कौन हैं सुशील अग्रवाल?
सुशील अग्रवाल का परिवार मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला है, लेकिन उनका परिवार काफी पहले सूरत आ गया था। सुशील अग्रवाल ने आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी. टेक की डिग्री लेने के बाद यूपीएसपी की परीक्षा पास की थी। वह 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। 20 अगस्त, 1990 को जन्में सुशील अग्रवाल अभी महज 35 साल के हैं लेकिन उन्होंने गुजरात कैडर में एक बेहद एक्टिव और समझदार ऑफिसर्स की छवि का निर्माण किया है। वह वडोदरा ग्रामीण जिले के एसपी बनने से पहले नवसारी के पुलिस अधीक्षक थे। उन्हें अहमदाबाद से ट्रांसफर के बाद नवसारी की जिम्मेदारी मिली थी। सुशील अग्रवाल हिंदी, अंग्रेजी के साथ अच्छी गुजराती भी बोल लेते हैं। सुशील अग्रवाल को मैराथन में भाग लेना पसंद है। वह पूर्व में कई मैराथन में शिरकत कर चुके हैं। सुशील अग्रवाल की पत्नी का नाम शिवानी गोयल हैं। शिवानी 2018 बैच की गुजरात कैडर की आईएएस अधिकारी हैं।
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