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Sunday, March 29, 2026

OMPRAKASH GARG - CUPID LTD

OMPRAKASH GARG - CUPID LTD 

ओमप्रकाश छंगामल गर्ग ने 73 साल की उम्र में अमेरिका और कनाडा की आरामदायक जिंदगी छोड़कर भारत लौटने का फैसला लिया! 2008 में उन्होंने 7 करोड़ रुपये के भारी कर्ज में डूबी अपनी कंपनी 'क्यूपिड लिमिटेड' की कमान संभाली।




अक्सर लोग 60 की उम्र के बाद रिटायरमेंट लेकर आराम की जिंदगी बिताना पसंद करते हैं। लेकिन अगर जज्बा हो, तो उम्र वाकई सिर्फ एक नंबर बन कर रह जाती है। ये कहानी है क्यूपिड (Cupid Limited) के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ओमप्रकाश छंगामल गर्ग (Omprakash Chhangamal Garg) की, जिन्होंने उस उम्र में एक डूबती हुई कंपनी की कमान संभाली जब लोग काम से संन्यास ले लेते हैं।

कनाडा और अमेरिका की आरामदायक जिंदगी छोड़कर भारत लौटे गर्ग ने न सिर्फ अपनी कंपनी को करोड़ों के कर्ज से बाहर निकाला, बल्कि उसे 11,000 करोड़ रुपयेसे ज्यादा की वैल्यूएशन वाली एक ग्लोबल पावरहाउस बना दिया।
 
कनाडा की नौकरी से क्यूपिड लिमिटेड की शुरुआत

ओमप्रकाश गर्ग मूल रूप से भारतीय हैं, लेकिन उनके करियर का एक बड़ा हिस्सा उत्तरी अमेरिका (कनाडा और अमेरिका) में बीता। वहां उन्होंने माइनिंग कंपनियों में बतौर मैनेजर काम किया और सोने की ज्वैलरी के डिस्ट्रीब्यूशन का बिजनेस भी चलाया। महाराष्ट्र के नासिक (सिन्नर MIDC) में कुछ दोस्तों के साथ मिलकर क्यूपिड लिमिटेड की स्थापना 1993 में की गई। गर्ग ने इसमें शुरुआत से ही बड़ा निवेश किया था।

शुरुआत में करना पड़ा ये संघर्ष

कंपनी ने शुरुआत में पुरुषों के लिए कंडोम बनाना शुरू किया। लेकिन तकनीकी खामियों, क्वालिटी की समस्याओं और भारी कर्ज के कारण कंपनी संघर्ष कर रही थी। 2009-10 आते-आते कंपनी पर 7 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चढ़ चुका था और वह घाटे में जा रही थी।

73 की उम्र में वापसी और वह 'मास्टरस्ट्रोक' जिसने बदल दी किस्मत

कंपनी की हालत बिगड़ती देख 2008 में, लगभग 73 साल की उम्र में, ओमप्रकाश गर्ग हमेशा के लिए भारत लौट आए और क्यूपिड लिमिटेड का पूरा नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया। यहां से उन्होंने एक ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला जिसने पूरी इंडस्ट्री को चौंका दिया।

भारत का पहला फीमेल कंडोम

गर्ग ने भांप लिया था कि सिर्फ पुरुष कंडोम के बाजार में टिकना मुश्किल है। उन्होंने फीमेल कंडोम (Female Condom) के उत्पादन पर फोकस किया। क्यूपिड लिमिटेड भारत की पहली कंपनी बनी जिसने फीमेल कंडोम बनाना शुरू किया।

यह कोई आसान काम नहीं था। इसका उत्पादन महंगा और तकनीकी रूप से बहुत जटिल होता है। लेकिन गर्ग के फोकस और R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) की बदौलत क्यूपिड दुनिया की मात्र दूसरी कंपनी बनी जिसे फीमेल कंडोम के लिए WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) और UNFPA से प्री-क्वालिफिकेशन मिला। पुरुष और महिला, दोनों कंडोम के लिए क्वालिफाई होने वाली यह भारत की पहली कंपनी थी।

इस सफलता ने ग्लोबल हेल्थकेयर मार्केट (खासकर HIV रोकथाम और फैमिली प्लानिंग) में क्यूपिड के लिए दुनिया भर की सरकारों के दरवाजे खोल दिए।

11 हजार करोड़ का साम्राज्य

फीमेल कंडोम में हाई-मार्जिन और बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स (WHO और कई देशों की सरकारों से) के कारण क्यूपिड लिमिटेड ने जबरदस्त टर्नअराउंड किया। गर्ग की लीडरशिप में कंपनी पूरी तरह से डेब्ट-फ्री (कर्ज मुक्त) हो गई। एक मजबूत नींव रखने के बाद, 2023 में ओमप्रकाश गर्ग और उनकी पत्नी वीणा गर्ग ने लगभग 1590 करोड़ रुपये की डील में अपनी प्रमोटरशिप नई मैनेजमेंट (आदित्य कुमार हलवासिया ग्रुप) को सौंप दी।

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