NEHA MITTAL - AI STARTUP
बरेली की बेटी नेहा मित्तल: संघर्ष, जुनून और 600 करोड़ की AI कंपनी तक का सफर
आज के दौर में जब पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर तेजी से बढ़ रही है, ऐसे समय में उत्तर प्रदेश के बरेली की बेटी नेहा मित्तल ने यह साबित कर दिया कि यदि सपने बड़े हों और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो दुनिया का कोई भी मंच दूर नहीं होता। उन्होंने अमेरिका में AI आधारित स्टार्टअप JustAI की सह-स्थापना की, जिसने हाल ही में करोड़ों डॉलर की फंडिंग हासिल की और कंपनी का मूल्यांकन लगभग 600 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया।
साधारण शुरुआत, बड़े सपने
नेहा मित्तल का बचपन उत्तर प्रदेश के बरेली में बीता। एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली नेहा बचपन से ही पढ़ाई में तेज थीं। उन्हें नई चीजें सीखना, समस्याओं का समाधान ढूंढना और तकनीक को समझना बेहद पसंद था। परिवार ने भी उनकी शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
स्कूल के दिनों से ही उनका सपना था कि वह ऐसी तकनीक बनाएँ जो लोगों की जिंदगी को आसान बनाए। यही सोच उन्हें इंजीनियरिंग की ओर ले गई।
इंजीनियरिंग से दुनिया की बड़ी कंपनियों तक
नेहा ने कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने पहले बड़े तकनीकी संस्थानों में काम किया और बाद में दुनिया की दिग्गज कंपनियों Goldman Sachs, Twitter और Pinterest में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वहाँ उन्होंने प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ग्रोथ और मशीन लर्निंग से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया।
इन कंपनियों में काम करते हुए उन्होंने महसूस किया कि डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में बहुत सारे अलग-अलग टूल होने के बावजूद काम बेहद जटिल और समय लेने वाला है। यहीं से उनके मन में एक नया विचार जन्मा—क्यों न AI की मदद से पूरा सिस्टम आसान बनाया जाए?
सुरक्षित नौकरी छोड़ने का कठिन फैसला
दुनिया की प्रतिष्ठित कंपनियों में अच्छी नौकरी छोड़ना आसान नहीं था। शानदार वेतन, सुरक्षित भविष्य और आरामदायक जीवन के बावजूद नेहा ने जोखिम उठाने का फैसला किया।
उन्होंने बाद में बताया कि स्टार्टअप शुरू करने के शुरुआती महीनों में उन्हें हर महीने कई निवेशकों से अस्वीकृति मिली। उन्हें लगातार प्रेजेंटेशन देने पड़े, टीम बनानी पड़ी, ग्राहकों को समझाना पड़ा और कई कठिन फैसले लेने पड़े। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
JustAI की शुरुआत
साल 2024 में नेहा मित्तल और उनके सह-संस्थापक जेफ हारा ने JustAI की शुरुआत की। कंपनी का उद्देश्य था AI की मदद से मार्केटिंग टीमों के लिए ऐसे टूल तैयार करना जो रणनीति, कंटेंट, डेटा विश्लेषण और ग्राहक जुड़ाव को एक ही प्लेटफॉर्म पर आसान बना दें।
JustAI केवल कंटेंट बनाने वाला AI नहीं है, बल्कि यह मार्केटिंग से जुड़े कई निर्णयों और प्रक्रियाओं को भी स्वचालित करने में मदद करता है।
संघर्ष के दिन
किसी भी स्टार्टअप की तरह शुरुआत आसान नहीं थी। निवेशकों को कंपनी के विजन पर भरोसा दिलाना, बेहतरीन इंजीनियरों की टीम बनाना, शुरुआती ग्राहकों को जोड़ना और लगातार प्रोडक्ट में सुधार करना—ये सभी चुनौतियाँ थीं।
नेहा ने एक इंटरव्यू में बताया कि स्टार्टअप चलाने के दौरान उन्हें हर महीने दर्जनों बार "ना" सुननी पड़ी, लेकिन उन्होंने हर असफलता को सीख में बदला। यही उनका सबसे बड़ा हथियार बना।
Y Combinator का साथ
नेहा की मेहनत तब रंग लाई जब उनकी कंपनी को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित स्टार्टअप एक्सेलेरेटर Y Combinator का समर्थन मिला। इसके बाद कंपनी को वैश्विक निवेशकों का भरोसा मिलने लगा और तेजी से विकास शुरू हुआ।
600 करोड़ रुपये के मूल्यांकन तक का सफर
2026 में JustAI ने 17 मिलियन डॉलर से अधिक की Series A फंडिंग जुटाई। इस निवेश का नेतृत्व Base10 ने किया, जबकि Peak XV Partners और Y Combinator जैसे निवेशकों ने भी भाग लिया। इसी के साथ कंपनी का मूल्यांकन भारतीय मुद्रा में लगभग 600 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुँच गया।
आज कंपनी के ग्राहक कई बड़े वैश्विक ब्रांड हैं और AI आधारित मार्केटिंग समाधान के क्षेत्र में उसकी तेज़ी से पहचान बन रही है।
नेहा की सफलता का राज
नेहा मित्तल की सफलता किसी एक दिन की कहानी नहीं है। इसके पीछे वर्षों की मेहनत, सीखने की इच्छा और जोखिम उठाने का साहस है।
उनकी सफलता के मुख्य कारण हैं:
लगातार नई चीजें सीखने की आदत।
असफलता से डरने के बजाय उससे सीखना।
बड़ी नौकरी छोड़कर अपने सपने पर विश्वास करना।
सही टीम बनाना और ग्राहकों की समस्या को समझना।
AI जैसी नई तकनीक को सही समय पर अपनाना।
युवाओं के लिए प्रेरणा
नेहा मित्तल की कहानी बताती है कि सफलता केवल बड़े शहरों में जन्म लेने वालों के हिस्से में नहीं आती। यदि आपके पास ज्ञान, मेहनत और धैर्य है तो एक छोटे शहर से निकलकर भी दुनिया की सबसे बड़ी टेक इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई जा सकती है।
आज बरेली की यह बेटी हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उन्होंने साबित किया है कि सपने देखने वालों की मंजिल केवल नौकरी नहीं, बल्कि दुनिया बदलने वाली कंपनियाँ भी हो सकती हैं।
निष्कर्ष
नेहा मित्तल की यात्रा हमें यह सिखाती है कि कठिनाइयाँ हर रास्ते में आती हैं, लेकिन जो व्यक्ति सीखना नहीं छोड़ता और अपने लक्ष्य पर डटा रहता है, वही इतिहास बनाता है। बरेली से अमेरिका तक का उनका सफर केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि भारत की नई पीढ़ी की प्रतिभा और क्षमता का भी प्रतीक है। उनकी कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखता है।
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