THERMOCOOL - RAJEEV GUPTA
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के एक छोटे से गांव सपनावत से निकले राजीव कुमार गुप्ता की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मानते हैं। एक समय ऐसा था जब राजीव की जेब में पैसे तक नहीं होते थे और वे अपने पिता की छोटी सी किराना दुकान पर हाथ बंटाते थे। लेकिन कुछ बड़ा करने के अटूट जज्बे के साथ उन्होंने साल 1992 में 'थर्मोकूल होम अप्लायंसेज' (Thermocool) की नींव रखी।
एक पहली पीढ़ी के उद्यमी (First-generation Entrepreneur) के रूप में उनके पास सीमित संसाधन थे और बाजार में बड़े ब्रांड्स का दबदबा था। शुरुआत में केवल एयर कूलर और पंखे बनाने वाली इस कंपनी ने गुणवत्ता और ग्राहकों के भरोसे के दम पर धीरे-धीरे अपना विस्तार किया। आज थर्मोकूल वाशिंग मशीन, गीजर, एलईडी टीवी और रेफ्रिजरेटर जैसे बेहतरीन प्रोडक्ट्स बना रही है और इसका टर्नओवर करीब ₹285 करोड़ से ₹300 करोड़ के आंकड़े को छू चुका है।

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